अंधविश्वास की जड़ें अब भी कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा उत्तरप्रदेश के मेरठ के इस वाक्ये लगाया जा सकता है, जहां एक बाबा मृत मासूम को जिंदा करने के नाम पर कई दिनों तक उसकी लाश से वहशियाना हरकतें करता रहा।
छह साल के एक मासूम को जिंदा करने का ढोंग रचाने और उसके शव के साथ वहशियाना हरकतें करने के आरोपी कथित बाबा को ब्रह्मपुरी पुलिस ने रविवार को दबोच लिया। आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि उसने अंधविश्वास का यह जाल पुरानी हिंदी फिल्म 'अवतार' देखकर फैलाया था।
72 घंटे तक मासूम की लाश से करता रहा वहशियाना हरकतें
मेरठ के शिव शक्ति नगर के ब्रह्मपुरी इलाके के व्यापारी कपिल मित्तल के 6 वर्षीय पुत्र मानिक की बीते 6 अक्तूबर को अस्पताल में बुखार से मौत हो गई थी। बच्चे के अंतिम संस्कार के लिए स्थानीय सूरजकुंड स्थित शमशान घाट में लोग जमा हुए तो दुखी परिवार के एक करीबी जिसका नाम संजय बताया जा रहा है, उसने वहां पहुंचकर बच्चे सिर पर माता आने की बात कही और कहा कि मानिक अभी मरा नहीं है, उसकी उम्र तो 54 साल है।
संजय नाम के इस शख्स ने शव को घर ले जाकर 72 घंटे पूजापाठ करने की सलाह दी और मौके पर मौजूद सभी लोग उसकी बात को मानकर वहां से चल पड़े।
आरोपी बाबा संजय पीड़ित परिवार का ही करीबी है, इसलिए बच्चे के मोह में उसकी बात को अहमियत देते हुए परिवार के लोगों ने वही किया जो उसने करने को कहा।
मृतक के पिता के मुताबिक आरोपी बाबा ने पूजापाठ के नाम पर मृत बच्चे के मुंह में अपने मुंह से पानी डाला, मुंह में अंगुली डालकर खून निकालकर उसको चाटा, बच्चे की लाश पर चढ़कर बैठ गया और हफते भर में न जाने कितनी ही वहशियाना हरकतों को अंजाम दिया।
ढोंग करते-करते हुआ फरार, लेकिन धरा गया
तीन दिनों तक आरोपी बाबा संजय, उसका भाई ब्रिजेश, दोनों की पत्नियां और भतीजा चेतन पीड़ित परिवार के घर में अंधविश्वास की हदें पार कर ढोंग करते रहे। लेकिन जब नतीजा सिफर रहा तो 10 अक्तूबर की रात सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। 11 अक्तूबर को मृतक के पिता ने ब्रह्मपुरी थाने में इन सभी आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई।
स्थानीय एसओ यादराम यादव के अनुसार रविवार को आरोपी संजय को मेट्रो प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने राजेश खन्ना अभिनीत फिल्म अवतार देखी थी। जिसमें फिल्म का नायक अपने मृत बेटे को लेकर वैष्णो देवी मंदिर गया था। वहां मां की जोत के सामने बच्चे को रखने पर उसमें जान आ गई थी। इसलिए उसने भी बच्चे की लाश के साथ प्रयोग कर डाला।
इसके साथ ही आरोपी बाबा ने कबूल किया कि उसे लगा कि वहां मौजूद लोग उसे जमकर पीटेंगे। इसी के डर से वह फरार हो गया था।
मृतक बच्चे के पिता कपिल की मानें तो वो संजय को पहले से जानते थे। इसलिए उसकी बात पर भरोसा कर लिया। लेकिन भरोसे के नाम पर आरोपी ने उन्हें गुमराह किया।