एक साल के फर्नेनडो जोनाथन की एक आंख में ट्यूमर था जिसके इलाज के लिए उसके माता पिता एक सर्जन के पास पहुंचे। सर्जन अर्मानडो सिसनेरोस ने कीमोंथेरपी की राय दी।
कुछ दिन तक चलीं इस प्रकिया के बाद भी कुछ फायदा ना होता देख अर्मानडो ने बच्चे की दूसरी आंख निकालने का फैसला किया। लेकिन ऑपरेशन के समय सर्जन से कुछ बड़ी गलती हो गई जिसके बाद से बच्चे का जीवन खतरे में पड़ गया है।
सर्जन ने बच्चे की दूसरी स्वस्थ आंख का ऑपरेशन करके उसे निकाल दिया जबकि पहली आंख जिसमें ट्यूमर था बच्चा देख नहीं सकता था।