उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बच्चे खेल-खेल में डॉक्टर और मरीज बनकर सल्फास की गोलियों का चूरन बनाकर खा गए। इससे दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो लड़कियों की हालत बिगड़ गई।
इलाज के बाद दोनों की हालत अभी ठीक है।
जरीफनगर के रहने वाले रविंद्र उर्फ भानु की दादी का 12 नवंबर को स्वर्गवास हो गया था। इसके चलते परिवार में रिश्तेदार इकट्ठे हुए थे। रविंद्र की बहन कृष्णा भी अपने मायके आ गई थी। बुधवार को तेरहवीं के लिए कुठिया से गेहूं निकाले गए थे, इसमें कपड़े में बंधी सल्फास की गोलियां भी थीं।
गेहूं की सफाई के दौरान परिवार के बच्चों को यह गोलियां मिल गईं। बच्चों ने इन्हें पीसकर चूरन बना लिया और फिर वह डॉक्टर-मरीज का खेल खेलने लगे। इसी बीच खुराक के रूप में उसे निगल लिया।
इससे रविंद्र के पांच वर्षीय बेटे सुमित और कृष्णा के बेटे रामकिशन (6वर्ष) की मौत हो गई। इन दोनों बच्चों ने इलाज के लिए अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
दो लड़कियों पिंकी (6वर्ष) और रश्मि (6वर्ष) का गांव में ही इलाज कराया गया। अब उनकी हालत में सुधार है।