एक दिन पहले ही उसकी धूमधाम से शादी हुई थी। रात में सुहाग की सेज पर दुल्हन उसका इंतजार कर रही थी।
थोड़े इंतजार के बाद उसका हमसफर उसके पास आया और उसे मंगलसूत्र पहनाया। फिर उसे प्यार किया और बोला, तेरा मेरा साथ यही तक का था।
इसके बाद वह अचानक उसे छोड़कर कमरे से बाहर निकल गया...फिर लौट कर नहीं आया।
थोड़ी देर बाद ही बाहर से आई एक खबर ने उसकी दुनिया ही उजाड़ दी। सारी खुशियां मातम में तब्दील हो गईं और वह भी बेहोश हो गई।
...और सारी खुशियां मातम में तब्दील हो गईं
यह किसी फिल्म का सीन नहीं बल्कि यूपी के बरेली में घटी एक घटना है।
एक दिन पहले शादी करने वाले एक युवक ने सुहागरात को घर से भागने के बाद आत्महत्या कर ली।
फतेहगंज पश्चिमी में ऑटो रिक्शा चालक की सूचना पर देर शाम घरवालों ने उसकी पहचान की।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद घर वालों के सुपुर्द कर दिया है।
धनेटा रेल फाटक के पास मिली ट्रेन से कटी लाश
नगरिया गांव निवासी श्यामवीर की शादी बिथरी चैनपुर के गांव तय्यतपुर निवासी कालीचरन की बेटी देवकी से तीन जुलाई को हुई थी।
चार जुलाई को विदा होकर देवकी ससुराल पहुंची। शनिवार को सुहागरात पर श्यामवीर ने अपने कमरे में जाकर देवकी को मंगलसूत्र दिया।
इसके बाद घर से बाहर चला आया। काफी देर तक न लौटने पर घरवालों ने उसकी खोजबीन शुरू की लेकिन उसका कोई पता नहीं लगा।
शनिवार तड़के फतेहगंज पश्चिमी के ऑटो रिक्शा चालक ने पुलिस को धनेटा के रेलवे फाटक पर लाश पड़ी होने की सूचना दी।
शव घर पर पहुंचते ही वह हो गई बेहोश
उधर एक ट्रेन ड्राइवर की सूचना पर स्टेशन मास्टर ने पुलिस को मेमो भेजा तो शव को उठाकर पोस्टमार्टम को भेजा गया।
शनिवार रात पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे रवेंद्र ने शव की शिनाख्त अपने 25 वर्षीय भाई श्यामवीर के रूप में की।
इसके बाद शव उनकी सुपुर्दगी में दे दिया गया। प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा का कहना है रेलवे के मेमो पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।
पोस्टमार्टम में भी श्यामवीर की मौत ट्रेन से कटकर होने से पुष्टि हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर घरवालों को शव सौंप दिया
'तेरा-मेरा यहीं तक का था साथ'
सुहागरात को श्यामवीर अपनी दुल्हन के पास पहुंचा और उससे कहा कि तेरा मेरा साथ यही तक का था।
इसके बाद श्यामवीर घर से भाग निकला और घर का मेन गेट भी बाहर से बंद कर गया।
शादी के चंद घंटों बाद सुहाग उजड़ जाने की खबर पाकर नई नवेली दुल्हन देवकी के सारे सपने बिखर गए।
यह सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाई। दूल्हा का शव घर पहुंचते ही वह बेहोश हो गई। रविवार को जब श्यामवीर का शव घर पहुंचा तो खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।