अमेरिका के नेवादा प्रांत में एक छात्र ने शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी। यह शिक्षक छात्र को हथियार छोड़ने के लिए मना रहे थे।
एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात रह चुके 45 साल के माइकल लैंड्सबेरी छात्रों को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि बंदूकधारी छात्र ने दो अन्य छात्रों को घायल करने के बाद खुद को भी गोली मार ली।
स्पार्क्स मिडल स्कूल और पास के एक प्राइमरी स्कूल को खाली कराया गया और उनकी कक्षाएं रद्द कर दी गई।
यह घटना सुबह सवा सात बजे कक्षाएं शुरू होने से पहले हुई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 200 पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन उन्होंने एक भी गोली नहीं चलाई।
गोलीबारी की आवाज
एक छात्र ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उसने बास्केटबॉल कोर्ट के बाहर गोलीबारी की आवाज़ सुनी थी।
तेरह साल के काइल नुकुम ने रेनो गेजेट जर्नल से कहा, "पहले मुझे लगा कि यह पटाखे की आवाज़ है। शिक्षक ने जब छात्र को बंदूक फेंकने को कहा तो उसने शिक्षक पर ही बंदूक तान दी।"
उसने कहा, "उसके बाद छात्र ने शिक्षक पर गोली चला दी और हर कोई वहां से भाग गया। जब हम वहां से भाग रहे थे तो हमने चार-पांच गोलियों की आवाज़ सुनी।"
लैंड्सबेरी नेवादा नेशनल गार्ड्स के साथ दो बार अफ़ग़ानिस्तान में तैनात रह चुके थे। शिक्षक के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं।
हीरो
रेनो के उप पुलिस प्रमुख टॉम रॉबिनसन ने कहा, "मैं उन्हें हीरो मानता हूं। हम जानते हैं कि वह हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहे थे।"
स्पार्क्स के मेयर गेनो मार्टिनी ने कहा कि लैंड्सबेरी ने पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा की थी और वह उसी निष्ठा के साथ अपने स्कूल के छात्रों को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
रिनाउन रीजनल मेडिकल सेंटर की प्रवक्ता ने कहा कि दो छात्रों को अस्पताल में लाया गया है। पुलिस ने बताया कि एक छात्र की सर्जरी हो चुकी है और दूसरे छात्र का स्वास्थ्य भी ठीक है।
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक कई छात्र अपने माता-पिता से मिलकर फफक फफककर रो पड़े। अपने भतीजे को लेने आए माइक फिओरिका ने कहा, "हम बहुत घबराए हुए थे। आप मां बाप की स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं।"