मीना के साथ रविंद्र ने प्रेम विवाह किया था। दोनों की मुलाकात देहरादून में हुई। यहीं पर दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। शादी के बाद रविंद्र नई नवेली पत्नी को लेकर अपने गांव पहुंचा।
मीना देहरादून की रहने वाली थी और रविंद्र मुजफ्फ्फरनगर के एक गांव का। शादी के बाद परिवार ने भी उसे स्वीकार कर लिया। इसके बाद रविंद्र मीना को घर छोडकर हलवाई का काम करने के लिए जगाधरी चला गया। बीच-बीच में वह गांव आता-जाता रहता था।
पति के जगाधरी जाते ही मीना का संपर्क उसके चाचा के बेटे अरविंद से हो गया। अरविंद में उसने एक प्यार देखा और दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। इन्हीं संबंधों के बीच में आ जाने के कारण रविंद्र की फावडे से काटकर हत्या कर दी गई थी।
फावड़े से काटकर की थी हत्या़
यूपी के मुजफ्फ्फरनगर की यह कहानी अवैध संबंध में हुए कत्ल की कहानी है। छपार थाना क्षेत्र के दतियाना गांव में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने के मामले में महिला और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या सात प्रदीप कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। हत्या का यह मामला 12 अगस्त 2010 का है। घर में सो रहे दतियाना निवासी रविंद्र की फावडे से काटकर हत्या कर दी गई थी।
मृतक के भाई सतेंद्र ने परिवार के ही अरविंद और मतक की पत्नी मीना को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र कुमार शर्मा और पवन कुमार सिंघल ने बताया कि प्रकरण की सुनवाई एडीजे-सात प्रदीप कुमार सिंह की कोर्ट में हुई।
घटना की रात हुआ था झगडा
अवैध संबंधों के इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी के चलते बुधवार को आरोपियों पर दोष सिद्घ हुआ, जिसके बाद अदालत ने दोनों को सजा सुनाई।
धारा 302 में दोनों को आजीवन कारावास और 22-22 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। दोनों आरोपियों से पुलिस ने फावडा भी बरामद किया था।
जिस रात रविंद्र की हत्या की गई अवैध संबंधों को लेकर घर में झगडा हुआ था। विरोध कर रहे रविंद्र को किसी तरह परिजनों ने समझा-बुझाकर शांत कर दिया।
तय हुआ था कि सुबह उठकर मामले का हल निकाला जाएगा। इसी बीच रात के समय फावडे से काटकर उसका कत्ल कर दिया गया। हत्या में सतेंद्र ने मीना और अरविंद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।