'बिकनी किलर' चार्ल्स शोभराज पर बनी फिल्म शुक्रवार को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म के आने के बाद 'बिकनी किलर' और उसका जीवन एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज को कभी 'बिकनी किलर' कहा गया तो कभी 'सांप' जैसी संज्ञा दी गई। और अब तो उसकी जिंदगी पर फिल्म ही बनकर आ गई है। ये फिल्म लोगों पर पर कितना असर करती है यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन चार्ल्स शोभराज असल जिंदगी बारे में बात करें तो बेहद रंगीन है।
चार्ल्स शोभराज ने अब तक तीन महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसा कर उनसे शादी कर चुका है। आगे पढ़े कि आखिर उसने एक के बाद एक उसे तीन महिलाओं से कैसे प्यार हुआ?
पारसी लड़की सेंटाल से हुआ पहला प्यार
फ्रांस में लूटपाट और हत्या के बाद एक बाल जेल पहुंचने के बाद चार्ल्स को पहली बार एक लड़की सेंटाल से प्यार हुआ। सेंटाल एक खूबसूरत पारसी लड़की थी, जो अपने माता- पिता के साथ रहती थी। एक पार्टी के दौरान वह चार्ल्स से मिली। उसके बाद वह जल्द ही चार्ल्स के करीब आ गई।
दरअसल, चार्ल्स की शारीरिक बनावट ऐसी थी कि ऐसा संभव ही नहीं था कि कोई भी लड़की उसके आकर्षण से मुक्त रह सके और उस पर फिदा न हो जाए। और फिर उसके पास अपनी बहादुरी के किस्से भी थे।
चार्ल्स ने सेंटाल को बताया कि वह साइगॉन के एक धनी परिवार से है। उसके बोलने का अंदाज बिलकुल किवियों की तरह था। इस तरह उसने सेंटाल को शादी के लिए तैयार कर लिया, लेकिन इसके बावजूद सेंटाल के माता-पिता को वह शादी के लिए नहीं मना सका।
सेंटाल के माता-पिता फ्रेंच कैथोलिक प्रथा को माननेवालों में से थे। उन्हें चार्ल्स से शादी इसलिए मंजूर नहीं थी, क्योंकि चार्ल्स के पिता कैथोलिक समुदाय से नहीं थे। सेंटाल कहती थी, "मुझे फर्क नहीं पड़ता की वह अमीर है या नहीं।
उसके बाद आठ महीने के जेल के दौरान वह हमेशा उसके साथ रहती थी। वह अपने दोस्तों तथा साथ काम करने वाले लोगों को ये बताती थी, कि उसे सेना में भर्ती करने के लिए बुलाया गया था।
भारत में सेंटाल ने दिया बच्चे को जन्म
धीरे-धीरे समय बीतने के साथ-साथ उसने अपने घोटालों से काफी धन एकत्र कर लिया। इसके बाद सेंटाल के माता-पिता थोड़े सन्तुष्ट हो गए और चार्ल्स से उसकी शादी करा दी।
कुछ दिनों बाद सेंटाल को महसूस हुआ कि वह गर्भवती हो चुकी है तो उसी समय चार्ल्स ने यूरोप छोड़ने का निर्णय लिया। वह यहां ओरिएंट क्षेत्र का काम संभलता था। जहां से वह पूरे फ्रांस में नकली चेक के जरिए धोखाधड़ी का काम करता था।
चार्ल्स एक बार फिर फेलिक्स से मिला और उसकी कार एक-दो दिन के लिए उधार मांगी। इसके बाद उसने अपना कमाया हुआ पूरा धन उस कार में भरा और पूर्वी यूरोप के रास्ते देश छोड़ दिया।
इस बीच उसके सम्पर्क में आने वाले लोगों को भी वह लूटता रहा। अंततः फेलिक्स से मांगी हुई कार के साथ इस्तांबुल जा पहुंचा। और अंत में वह भारत आ गया, जहां सेंटाल ने चार्ल्स के बच्चे को जन्म दिया।
इस बीच पेरिस में अधिकारियों की एक टीम चार्ल्स और उसकी पत्नी के बारे में पूछताछ के लिए चार्ल्स के दोस्तों से मिल रही थी।
चार्ल्स जिससे मिलता उसे अपना बना लेता था
भारत में आने के बाद वह एक 'फ्रेंच सोसाइटी' से जुड़ गया। चार्ल्स एक ऐसा व्यक्ति था, जो आसानी से किसी भी साथ मेलजोल बना लेता था। उसने यहां के अमीर लोगों में अपनी पहचान बना ली।
सेंटाल तो एक सुन्दर और आकर्षक दिखने वाली महिला थी ही। उसके साथ एक प्यारा बच्चा भी था। इसके कारण लोगों ने उनका चाय और पार्टी देकर स्वागत किया।
सेंटाल अपनी शादी के बाद भी चार्ल्स के काम के बारे में बिलकुल नहीं जानती थी। वह चार्ल्स से उसके काम के बारें में पूछती थी, पर वह स्पष्टता से कुछ नहीं बताता था। इस प्रकार वह कई महीने बीतने के बाद भी अपना काम करता रहा। पुलिस को इस बात की खबर तक नहीं थी।
1970 के दौरान उसने चोरी की गई कारों की दलाली करनी शुरू कर दी। वह अमेरिकन, यरोपियन, फ्रेंचमैन तथा रईस भारतीयों (जो विदेशी कारों के रखने के शौकीन थे) को बेचता था। वह पाकिस्तान तथा ईरान से कारों की चोरी करता और भारत में बॉर्डर के रास्ते लाता था।
भारत के बॉर्डर पर तैनात कुछ सुरक्षा कर्मी भी चार्ल्स की मदद करते थे। उसके बदले में चार्ल्स उन्हें पैसे भी देता था। वह भारत में इसकी नीलामी करता था।
सेंटाल के साथ हुई शादी का अंत
लेकिन इस ठगी और लूटपाट के धंधे ने उसे एक दिन तिहाड़ जेल पहुंचा दिया। चार्ल्स ने एक सिरिंज खरीदी और उससे अपना खून निकला और पी गया। वह ऐसा दिख रहा था जैसे अल्सर हुआ हो। उसे हास्पिटल ले जाया गया, जहां से वह ईरान भाग गया।
वह अपना पासपोर्ट बदलता और फिर उसी नाम से वह जाना जाता। उसने बाद में पुलिस को जानकारी दी कि 1972-1973 के दौरान उसने कराची, रोम, तेहरान, काबुल, युगोस्लाविया, बुल्गारिया, और कोपेहेगन की यात्राएं कीं।
इधर काबुल में अपने परिवार को छोड़कर भागने के बाद वह समझ चुका था कि इस शादी का अंत हो चुका है। बेचारी सेंटाल जान चुकी थी कि अंतराष्ट्रीय अपराध पुलिस संगठन के पास उसके पति के साथ उस पर भी अपराधिक गतिविधियों से संबंधित मामला दर्ज हो चुका है।
वह नहीं चाहती थी कि वह दुबारा चार्ल्स से मिले। वह कुछ समय बाद वह पेरिस चली गई। अंतराष्ट्रीय अपराधी के तौर पर कुख्यात होने के बाद चार्ल्स को छिपने के लिए कुछ ही देश बचे थे।
थाइलैंड में मैरी एंड्री को बनाया प्रेमिका
इस प्रकार इस्तांबुल में वह अपने छोटे भाई एंड्र्यू से मिला, जहां वह चार्ल्स के साथ घोटालों में सक्रिय हो गया। क्योंकि चार्ल्स अंतराष्ट्रीय अपराधी हो चुका था, इसलिए उनसे अपने भाई को राजी कर लिया था कि वह फ्रांस कभी नहीं जाएगा, बल्कि वह पूर्व के देशों में जाएगा जहां उसे कोई पहचान न पाए।
फिलहाल वह तुर्की गया, जहां उसने कुछ छोटी-मोटी लूटपाट की और वहां से फरार हो कर ग्रीस चला गया। वहां एथेंस में उसने कुछ अच्छे नागरिकों को अपना शिकार बनाया।
उसी दौरान वह छोटे-मोटे आभूषणों की चोरी में गिरफ्तार कर लिए गया। चार्ल्स ने खुद को एंड्र्यू बताया और जेल से कुछ हफ़्तों बाद छूट गया। जब तक पुलिस को इस बात की जानकारी हुई वह देश से निकल चुका था।
इधर एंड्र्यू को पुलिस गाड़ी से भागने से जुर्म में ग्रीस पुलिस ने उस पर और चार्ज लगा दिया और इस तरह वहां की अदालत ने उसे 18 वर्ष की सजा सुनाई। इस बीच थाइलैंड में चार्ल्स मैरी एंड्री के संपर्क में आया जो उसकी प्रेमिका बनी।
नेपाल जेल में रचाई निहिता से शादी
1970 के दशक में उसने विदेशी पर्यटकों को अपना निशाना बनाना शुरू किया। वह उनका मित्र बनकर उनके लिए नशीली दवाइयां देता, फिर उनकी हत्या कर देता था।
विदेशी महिलाएं उसका मुख्य शिकार बनतीं थी। 1972-1976 के बीच उसने 24 लोगों की हत्या की थी। 1986 में चार्ल्स अपने साथियों के साथ तिहाड़ जेल से भागने में कामयाब रहा। वर्ष 2003 में नेपाल जाने के बाद उसे 1975 में हुए दो हिप्पियों के हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा दी गई।
नेपाल में सजा काटने के दौरान 2008 में चार्ल्स ने बहुत ही छोटी आयु की एक नेपाली लड़की निहिता बिस्वास के साथ जेल में ही शादी कर ली। निहिता और उसके परिजन चार्ल्स साथ उसके संबंध को अपनी रजामंदी दे चुके हैं।
एक कुख्यात अपराधी होने के बावजूद चार्ल्स को जो लोकप्रियता हासिल हुई वह अपने आप में बहुत बड़ी है। अपराधों और हत्याओं जैसी वारदातों को अंजाम देते हुए चार्ल्स ने जिन तकनीकों और रणनीति का प्रयोग किया वह अपने आप में हैरानी पैदा करने वाली भी है।
शोभराज वैसे तो वियतनामी-भारतीय है पर उसने फ्रांस की नागरिकता ले ली थी। हत्या के जुर्म में उसे उम्रकैद की सजा मिली। उस पर कई हत्याओं के आरोप लगे जिसके लिए उसे फांसी की सजा होनी चाहिए थी लेकिन कई हत्याओं को कथित रूप से अभियोजन पक्ष ने ही छिपा लिया। अब इस पर हिन्दी में फिल्म बनी है।
चार्ल्स एक चालाक और शातिर अपराधी है। हत्या, लूटपाट, नशीली दवाएं बेचना, आभूषणों की चोरी इत्यादि उसके लिए सामान्य काम है। उसके जोखिम और साजिश से भरपूर जिंदगी को मीडिया में इतनी जगह मिली कि वह मशहूर हो गया।