आरुषि-हेमराज मर्डर केस में चल रही फाइनल बहस में अभियोजन पक्ष ने मंगलवार को भी अपना पक्ष कोर्ट में रखा।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजन आर के सैनी और बीके सिंह ने कोर्ट को बताया कि गवाहों के बयान से पता चलता है कि आरोपियों ने सीन ऑफ क्राइम से भी छेड़छाड़ की थी।
बाकी बहस के लिए विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने अब 17 अक्तूबर की तारीख तय की है।
अभियोजन का कहना था कि जिस कमरे में आरुषि की लाश पड़ी थी, उसकी दीवारों पर भी खून के छींटे थे। जबकि बेड पर रखे खिलौने और आरुषि के बस्ते पर खून का कोई निशान नहीं पाया गया।
अभियोजन का यह भी कहना था कि आरोपियों ने आरुषि के शव से भी छेड़छाड़ की थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. दोहरे ने यह बात कोर्ट को भी बताई थी। आरुषि के बिस्तर की चादर से गीला निशान मिला था। जांच में पाया गया कि यह खून और पेशाब नहीं था।
इसके अलावा डॉ. दिनेश तलवार ने डॉ. सुशील के माध्यम से रिटायर्ड सीओ केके गौतम को फोन पर यह भी कहलवाया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं होनी चाहिए।
डॉ. दिनेश ने इसके लिए अपने फोन से डॉक्टर टीएस डोगरा से भी बात कराकर एप्रोच कराया था। जो स्लाइड तैयार की गई थीं, वह भी बाद में बदल दी गईं।