कोई घर का सामान चुराकर ले जाए तो उसे चोरी माना जाता है लेकिन जब चोर का ही सामान चोरी हो जाए तो उसे क्या कहेंगे।
मुंबई में एक ज्वैलरी स्टोर में काम करने वाल सागर गहलोत ने स्टोर से 90 लाख कीमत के 3.5 किलोग्राम सोने के आभूषण चुराए। लेकिन यह चोरी उसे फली नहीं और वह एक ऑटोरिक्शा चलाक और उसके दो साथियों के हाथों लुट गया।
मामले की जांच कर रही पुलिस उपायुक्त की टीम के अनुसार उन्होंने राजस्थान के रहने वाले सागर गहलोत को गिरफ्तार कर लिया है। वह सत्यप्रकाश ज्वैलर की दुकान पर काम करता था।
पुलिस ने तीन चोरों को पकड़ लिया है और उनसे 80 हजार रुपए व गहने बरामद कर लिये हैं। अब पुलिस अहमदाबाद में उन सुनारों को ढूंढ रही है जिनके पास चुराए हुए जेवर बेचे गए हैं।
सोने की डिलवरी लेकर हुआ फरार
पुलिस के मुताबिक सागर गहलोत एक शीर्ष अधिकारी हसमुख शाह के साथ मंगलोर ब्रांच गया था, जहां छह अगस्त को शाह ने सागर को उदयपुर अभूषणों की डिलिवरी के लिए भेजा।
इसके बाद सागर सारे जेवर लेकर अहमदाबाद भाग गया। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से उसने एक होटल के लिए ऑटो किया। अन्य आरोपी ऑटोरिक्शा चालक आरिफ असलम पठान सागर को नवरंगपुर में होटल में छोड़ा और फिर सागर ने उसे सरार्फा बाजार ले जाने के लिए कहा।
पठान उसे कई सुनार की दुकानों पर ले गया जहां सागर ने कुछ गहने बेचे और उसके बाद मॉल में जाकर शॉपिंग की।
शहर घुमाने के बहाने लूटा चोर
सागर की हरकतों को देख पठान ने उसके इरादों को भांप लिया कि वह चुराए गए सामान को बेच रहा है।
उसके बाद पठान ने अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर सागर को लूटने की योजना बनाई। आठ अगस्त को सागर को शहर दिखाने के बहाने पठान बाहर ले गया जहां उसके दो साथियों ने पुलिस वाला बन ऑटो रुकवाया और फिर सागर से गहने व पैसे छीन लिए।
अहमदाबाद में लुटने के बाद सागर वापस मुंबई गया लेकिन तब तक उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा चुकी थी। मुंबई में सागर को गिरफ्तार कर लिया गया जहां उसने पूरी कहानी बताई। ऑटो ड्राइवर व उसके साथियों को भी मंगलोर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।