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बेटे ने सर काट कर मां को किया था भेंट

Wed, 18 Sep 2013 07:29 AM IST
अमर उजाला, अलीगंज
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उत्तर प्रदेश में दो साल पहले थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद क्षेत्र में रंजिश के चलते अपनी ननिहाल रह रहे कृपाल सिंह की बेरहमी से हत्या की गई थी और यह घटना राज ही बनी रही।
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शराब के नशे में हत्यारोपी के दोस्तों ने ही इस राज को उगल दिया और उसके बाद घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने हत्यारोपी राम आसरे निवासी फर्दपुरा को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि रामआसरे ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की और धड़ के टुकड़े-टुकड़े कर नहर में फेंक दिए। कृपाल सिंह के सिर को उसने अपनी मां को भेंट कर कहा था कि उसने अपने पिता की हत्या का बदला ले लिया है।
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थाना अलीगंज पुलिस मंगलवार को हत्यारोपी रामआसरे को गिरफ्तार करने के बाद उसे लेकर गांव फर्दपुरा के जंगल में उसके खेत पर पहुंची तथा वहां दो साल पहले दबाई गई कृपाल सिंह की खोपड़ी को खोदाई कराकर बरामद किया।

इंसपेक्टर अलीगंज आरके अवस्थी के अनुसार वर्ष 2005 में पंचायत चुनाव के दौरान गांव फर्दपुरा निवासी योगेश की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में प्रधान रामसरन और उसके साथी नामजद हुए थे।

इसी रंजिश में 2007 में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधान रामसरन की हत्या कर दी गई। प्रधान रामसरन के पुत्र रामआसरे ने गांव के ही अमर सिंह, रनवीर, कृपाल सिंह, हरसहाय, शहजादे, जितेंद्र, कृष्णलाल के खिलाफ हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इन नामजद आरोपियों को न्यायालय ने बरी कर दिया था। इसके बाद प्रधान के परिवारीजनों ने हाईकोर्ट में भी अपील की तथा मामला अभी वहां विचाराधीन है। पुलिस पूछताछ में राम आसरे ने बताया कि उसने फैसला आने के बाद ठान लिया था कि वह अपने पिता की हत्या का बदला लेगा।

अपने साथी सुखलाल, सुखराम, रजिस्टार सिंह की मदद से 15 जुलाई 2011 कृपाल सिंह को उसकी ननिहाल गांव बेहता थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद में समझौता करने के लिए गांव के बाहर बुला लिया और उसकी हत्या कर दी और सिर लेकर अपनी मां के पास पहुंचा था। तीन दिन तक उसने सिर घर में रखा और तीसरे दिन अपने खेत में गाड़ दिया।

कृपाल के परिवारीजनों ने थाना मेरापुर फर्रुखाबाद में गुमशुदगी 2011 में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने बताया कि चूंकि यह मामला थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद में दर्ज कराया था। इसलिए इस मामले की विवेचना वहीं से की जा रही है। थाना मेरापुर में मृतक के पुत्र उमेश ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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