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गेम ऐप के जरिए मासूमों को दिखाया जा रहा है पोर्न

Thu, 11 Jun 2015 12:58 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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एक पोर्न वेबसाइट को स्मार्ट फोन्स गेम ऐप के जरिए मासूम बच्चों को पोर्न दिखाने के आरोप में पकड़ा गया है। गेम वीडियो नियामक अधिकारियों ने अपने निरीक्षण में पाया है आरोपी साइट ने कम उम्र के बच्चों को गेम ऐप के जरिए अश्लील क्लिपिंग दिखा रही है।
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मिरर ऑनलाइन के अनुसार, बच्चों के माता पिता की ओर से विज्ञापन नियामक प्राधिकरण में गेम ऐप में दिखाए जाने वाली क्लिपिंग के खिलाफ शिकायत देने पर जांच की गई तो पता चला कि इवांड डॉट कॉम नाम की पोर्न वेबसाइट ने गेम्स ऐप में अना विज्ञापन दिया हुआ था जिसमें बिना कपड़ों की एक महिला को अश्लील हरकत करते दिखाया जा रहा था।

मामला का खुलासा तब हुआ जब एक 15 साल के बच्चे ने अपने घर वालों से बताया कि जब वह गेम ऐप प्ले करता है तो शुरू में कुछ सेकंड तक गंदी वीडियो दिखती है। इसके बाद उसके मां-बाप ने गेम बनाने वाली कंपनी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
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टॉकिंग टॉम भी है बच्चों के लिए खतरनाक

बताया जा रहा है क‌ि पोर्न साइट बच्चों के फेवरेट गेम टॉकिंग टॉम में भी विज्ञापन दे रही है बच्चों के लिए किसी भी प्रकार से अच्छा नहीं है। स्मार्ट फोन के लिए बने कई गेम ऐप में अश्‍लील साइट्स का विज्ञापन दिखाया जा रहा है। किसी गेम में गेम प्ले करने के साथ वीडियो दिखती है तो किसी में गेम प्ले करने के दौरान पूरे टाईम ऊपर पट्टी में पोर्न एड चलता रहता है।

वहीं शिकायत के आधार पर मामले की जांच बच्चों कर अधिकारियों के सामने बच्चों पोर्न वीडियो परोसने का एक और मामला सामने आया है। यह मामला यूरोप के इलाके का है। एक व्यक्ति ने देखा कि उसका पांच साल का बच्चा जब गेम प्‍ले कर रहा है तो उस पर गलत तस्वीर दिख रही है जिसका गेम से कोई लेना देना नहीं था। इसके बाद उसने इसे लेकर विज्ञापन नियामक प्राधिकरण में इस बारे में शिकायत दी।

मामले पर प्राधिकरण ने कहा चाहे गेम बनाने वाली कंपनी मोबिज्ज लिमिटेड हो या पोर्न साइट इवांक डॉट कॉम या आउटफिट 7 जो भी गेम एप्प चला रहे हैं सबको हिदायत दी गई है कि वो इस तरह वीडियो या तस्वीरों का विज्ञापन न दें अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बच्चों को उत्तेजित करते हैं अश्‍लील विज्ञापन

विज्ञापन नियामक प्राधिकरण ने माना है कि इस तरह के विज्ञापन न सिफ बच्चों को उत्तेजित करते हैं बल्कि उनका यौन शोषण भी करते हैं। लिहाजा ये विज्ञापन कम उम्र के बच्चों को नहीं दिखाए जाने चाहिए।

वहीं गेप ऐप बनाने वाली कंपनी मोबिज ने भी माना है कि वह विज्ञापन द‌िखाने वाली और उसे देखने वाले को ट्रैक करने में असमर्थ रही है।

कंपनी ने कहा है कि हमने पाया है कि इसके लिए विज्ञापन देने वाली थर्ड पार्टी जिम्मेदारी है। टॉकिंग टॉप और अन्य ऐप पर थर्ड पार्टी के जरिए विज्ञापन दिए जाते हैं। कंपनी ने अथॉरिटी से वादा किया है अब भविष्य में उनकी ओर से ऐसी गलती नहीं होगी
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