गुजरात के सर्राफ से शिकोहाबाद में की गई करोड़ों की लूट मथुरा के शातिर लुटेरे तिलकवीर ने 11 साथियों के साथ की थी। लूट में तिलकवीर के गांव का रहने वाला अखिलेश नामक युवक सूत्रधार था। उसी के दिल्ली में रह रहे दोस्त ने लखनऊ से लाई जाने वाली रकम के बारे में जानकारी दी थी।
22 अगस्त को गुजरात के अहमदाबाद निवासी स्वर्णकार हरीश पटेल उर्फ घनश्याम अपने तीन साथियों के साथ कार में करोड़ों की नकदी लेकर दिल्ली जा रहे थे। पुलिस के अनुसार बीएसए कालेज रोड कृष्णाविहार निवासी तिलकवीर पहलवान ने अपने 11 साथियों के साथ उनकी गाड़ी को शिकोहाबाद कोतवाली क्षेत्र में रोका और करीब तीन करोड़ की रकम लूट ली।
पीड़ित की शिकायत को तब शिकोहाबाद पुलिस ने दर्ज नहीं किया। बाद में लखनऊ से दबाव पड़ने पर 31 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज हो सकी। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी डा.राकेश सिंह और एसपी सिटी शैलेश पांडेय ने बताया कि मामले में अखिलेश कुमार उर्फ अखिल निवासी गांव हृदय की नगरिया थाना गोंडा अलीगढ़,यशपाल निवासी भैंसा रिफाइनरी और पूर्व सैनिक रनवीर सिंह फौजी निवासी नगला चौधरी निवासी पुष्पांजलि उपवन कालोनी को पकड़ा है।
उनसे लूटी गई 19 लाख 61 हजार नकदी, लूट की रकम से खरीदे गए 15 लाख के प्लाट के कागजात, 10.5 लाख की नई स्कार्पियो गाड़ी बरामद की गई है। एसएसपी ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
लूटी गई रकम का नहीं था कोई हिसाब
गुजरात के सर्राफ से लूटी गई रकम का सरकारी कागजातों में कहीं कोई रिकार्ड नहीं है। पूरी रकम सर्राफ लखनऊ और कानपुर के स्वर्णकारों से उगाही कर ला रहे थे।
एसएसपी ने बताया कि स्वर्णकार से लूट के लिए तीन गाड़ियों में 11 लुटेरे गए थे और स्वर्णकार की गाड़ी को शिकोहाबाद में घेरकर लूट लिया। उन्होंने तीन करोड़ से अधिक की रकम लूटी। इस रकम का किसी बैंक या आयकर रिटर्न आदि में रिकार्ड नहीं था।
लिहाजा शिकोहाबाद पुलिस ने भी मामले को टाल दिया। लुटेरे अखिलेश ने बताया कि लूटी गई रकम में से उसके हिस्से 26 लाख नकदी आई थी।
अभी ये हैं फरार
-तिलकवीर उर्फ तिलका पहलवान निवासी कृष्णाविहार कालोनी, बीएसए कालेज रोड
-राजू बादल निवासी 88 लाजपत नगर बजरंग ढ़ाबा, थाना हाइवे
-बल्ली निवासी धाना तेजा, रिफाइनरी
-अनिल चौधरी निवासी धाना तेजा, रिफाइनरी
-राजेश, छोटू, कान्हा, नीटू निवासी गांव हृदय की नगरिया, गोंडा अलीगढ़।
दिल्ली के सुनील,नरेश से जुड़े तार
लुटेरे अखिलेश कुमार और तिलकवीर के गांव का युवक नरेश शर्मा दिल्ली रहता है। उसके पास दिल्ली के सुनील वर्मा का आना-जाना है। सुनील वर्मा ने नरेश को बताया कि लखनऊ से दिल्ली हवाला का करोड़ों रुपया गाड़ी में लाया जाता है। इस पर नरेश शर्मा ने अखिलेश से संपर्क किया और लखनऊ जाकर सर्राफ की 15 दिनों तक रैकी की।
हवाला की रकम लूटने से पहले लुटेरों ने अपने मोबाइल घरों पर छोड़ दिए और पांच नए मोबाइल, नई सिम जारी कराई। इन नंबरों पर ही आपस में लूट की योजनाओं की बातें करते थे।
शिकोहाबाद में हुई करोड़ों की लूट में पुलिस जहां तीन करोड़ की लूट स्वीकार कर रही है हालांकि इसके छह से सात करोड़ की होने की बात भी कही जा रही है। पकड़े गए लुटेरों के अनुसार लूट के बाद सर्राफ को बंधक बना लाए थे और उन्हें लाकर यमुना एक्सप्रेसवे पर छोड़ा था। जबकि उनकी गाड़ी को फीरोजाबाद में छोड़ा था। पुलिस के अनुसार लुटेरों ने कुछ कैश गाड़ी में ही छोड़ दिया था। वहीं लुटेरे अखिलेश ने बताया कि लूटा गया कैश तिलकवीर के घर रखा था। जब उसे गिनने लगे तो वह 98 लाख बैठा। उसने बाकी कैश गायब कर दिया था।
मामले में मथुरा स्वाट टीम ने करीब 12 लोग पकड़े। उसमें से तीन लोग ही लूट में दिखाए। बाकी के निर्दोष बताकर छोड़ दिए। इसमें एक रिफाइनरी से तेल चोरी में शामिल रहा कारोबारी प्रमुख रहा। इसके अलावा उसके छह सहपाठी भी पकड़े गए थे, जो बाद में छोड़ दिए गए। लूट में प्रयुक्त स्कार्पियो के मालिक को भी बंद कर रखा था। उसे भी निर्दोष बताकर छोड़ दिया। हाईवे क्षेत्र में गणेशरा में एक्सीडेंट हुई नई गाड़ी तिलकवीर पहलवान की थी।