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यूपी पुलिस के इस कारनामे पर क्या कहेंगे आप?

Sat, 30 Aug 2014 10:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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अपने अमानवीय कारनामों के लिए चर्चित यूपी पुलिस के सीने पर उसके कारनामों ने एक और तमगा जड़ दिया है। वैसे भी यूपी पुलिस का इतिहास उसके ऐसे कारनामों से भरा पड़ा है। ताजा मामला बरेली का है जहां एक गैंगरेप के मामले को पुलिस ने अश्लील हरकत करने में बदल कर मर्दानी भरा काम किया है।
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ट्रांसपोर्ट नगर में महिला के साथ पकड़ने जाने के बाद पुलिस कस्टडी में एंबुलेंस से कूदने की वजह से हुई शफीक की मौत की जिम्मेदारी तो अभी तक किसी पर तय नहीं की गई है लेकिन इस बीच पुलिस ने इतना जरूर तय कर लिया कि मामला गैंग रेप का नहीं बल्कि अश्लील हरकतें करने का है।

इस मामले में हिरासत में लिया गया आरोपी इकरार उर्फ भूरा बृहस्पतिवार को जमानत पर रिहा हो गया। शुक्रवार को महिला का कोर्ट में बयान कराया जाएगा। महिला के साथ पकड़ा गया दमखोदा का शफीक पुलिस कस्टडी में थाने लाए जाते वक्त एंबुलेंस का पिछला शीशा तोड़कर कूद गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी।
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इस घटना से थाना पुलिस के हाथ-पांव फूल गए थे। अपनी गर्दन बचाने के लिए पुलिस ने थाना बिथरी चैनपुर रात में आनन-फानन में हेड कांस्टेबिल रामदयाल की तरफ से मृतक समेत सात युवकों पर गैंग रेप का मामला दर्ज करा दिया था।

दोषियों पर कार्रवाई न हुई तो आंदोलन करेंगे

इरादा पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने का था लेकिन देर रात आला अफसरों ने हड़काया तो इंस्पेक्टर बिथरी चैनपुर ने इसे अश्लील हरकतें करने के मामले में तरमीम करके इकरार उर्फ भूरा को गिरफ्तार दिखा दिया।

इसी आरोप में बृहस्पतिवार को उसका चालान करके कोर्ट में पेश किया गया जहां से वह जमानत पर रिहा हो गया। और किसी अभियुक्त को पुलिस नहीं पकड़ पाई है। इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को महिला को कोर्ट में पेश कर बयान कराए जाएंगे। वह कोर्ट में जो कहेगी उसके हिसाब से ही कार्रवाई होगी।

दमखोदा गांव के लोगों का कहना है कि ट्रक चालक शफीक की एंबुलेंस से कूदने की वजह से मौत होने की कहानी बिथरी चैनपुर पुलिस ने गढ़ी है। सच्चाई कुछ और है जिसे पुलिस छिपा रही है। आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न की गई तो वे आंदोलन करेंगे।

दमखोदा निवासी जुम्मा का 35 वर्षीय बेटा शफीक ट्रक ड्राइवर था। लोगों का कहना है कि टीपीनगर चौकी पुलिस उसे बेवजह ढाबे से उठा ले गई थी। उसकी मौत पुलिस की पिटाई से हुई है, मगर अब झूठी कहानी गढ़कर इस मौत को हादसा बनाया जा रहा है।
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अफसरों ने हड़काया तो बैकफुट पर आई पुलिस

शफीक के भाई मौलाना हनीफ का कहना है कि उसने दोषी पुलिस वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दे दी है लेकिन पुलिस अफसर मुकदमा नहीं लिखवा रहे हैं। न्याय के लिए अदालत तक जायेंगे।

लोगों का कहना है कि न्याय न मिला तो बरेली रोड पर चक्काजाम होगा। बृहस्पतिवार को विधायक अताउर्ररहमान के भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख हाजी वफाउर्रहमान ने शफीक के घर पहुंचकर उसके परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

वहीं, मथुरा के जैंत चौकी क्षेत्र से अपहरण कर एक किशोरी के साथ तीन युवकों के दुराचार करने का मामला सामने आया है। जैंत चौकी में मामले की रिपोर्ट मां-बेटे और तीन अन्य के खिलाफ दर्ज कराई गई है।

जैंत क्षेत्र के एक व्यक्ति ने जैंत चौकी में दी तहरीर में कहा है कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री 22 अगस्त को सुबह खेत पर चारा लेने गई थी। इसी दौरान गांव अरहेरा निवासी महिला मुक्खी पत्नी सरदार और उसके पुत्र जीतू ने नशीला लड्डू खिलाकर किशोरी का अपहरण कर लिया। आरोप है कि जीतू और उसके दो अन्य साथियों ने उसे कहीं दूसरी जगह ले जाकर सामूहिक दुराचार किया। जैंत पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुक्खी, उसके पुत्र जीतू सहित तीन अन्य के खिलाफ सामूहिक दुराचार और अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने किशोरी को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा है।
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