भाजपा ने बीरभूम जिले में एक महिला के साथ पुलिसिया अत्याचार के मामले के दोषियों को निलंबित करने की मांग की है। पार्टी ने इस मुद्दे पर सोमवार को राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा कि राज्यपाल ने पुलिस महानिदेशक को दोषी पुलिस वालों को तुरंत निलंबित करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने इस मुद्दे पर गृह सचिव से रिपोर्ट तलब करने का भी आश्वासन दिया है। फिलहाल बर्दवान मेडिकल कॉलेज में दाखिल पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस की एक टीम उसके भतीजे की तलाश में शनिवार को घर आई थी।
भतीजे का पता नहीं चला तो पुलिस वाले उस महिला को जंगल में उठा ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ पर जगह-जगह ब्लेड से चीरा लगाया। यही नहीं पुलिस वालों ने महिला के गुप्तांग पर एक जहरीला पत्ता भी घिसा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सिन्हा ने कहा कि उस महिला के साथ जो सुलूक किया गया वह पुलिस की बर्बरता के साथ तृणमूल कांग्रेस सरकार और असामाजिक तत्वों की मिलीभगत का ज्वलंत उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि घटना के 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बावजूद ममता ने इस बारे में एक शब्द तक नहीं कहा है। उनकी चुप्पी प्रशासन की तानाशाही का सबूत है।
उधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने पीड़ित महिला को दस लाख का मुआवजा देने की मांग की। पार्टी इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करने की भी सोच रही है।
बताया जा रहा है कि महिला का भतीजा भाजपा का स्थानीय नेता है और पारूई में पिछले दिनों हुए राजनीतिक संघर्ष के मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।