यूपी के भोजीपुरा में एक गांव की किशोरी को परिवार के लोगों ने अपने सम्मान की खातिर मार डाला। वह सोमवार को अपने प्रेमी हशमत के साथ घर से फरार हो गई थी। अगले दिन परिवार के लोग उसे हशमत के पैतृक गांव से पकड़कर घर ले आए।
काफी समझाने के बाद भी वह नहीं मानी तो घर वालों ने पहले उसका गला दबाया और फिर उसे फांसी पर लटका दिया। घटना की सूचना पर फील्ड यूनिट और सीओ नवाबगंज दिगंबर कुशवाह ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की और किशोरी के पिता और दो भाइयों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पांचों लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने जुर्म कुबूल कर लिया।
प्रेमी संग किशोरी हुई थी फरार
करीब सोलह-सत्रह वर्षीय किशोरी का हशमत नाम के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। हशमत शादीशुदा और चार बच्चों का पिता है। हशमत मूल रूप से दोहरिया पचदौरा से छह किमी दूर मिलक अलीनगर गांव का रहने वाला है लेकिन करीब एक साल पहले इस इलाके में आकर बस गया था।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार शाम करीब पांच बजे किशोरी हशमत के साथ चली गई। घरवालों ने उसे रात भर तलाश किया और वह नहीं मिली तो मंगलवार को मिलक अलीनगर जाकर हशमत के पैतृक घर को घेर लिया। हशमत तो मौके से भाग गया लेकिन किशोरी को परिवार वालों ने पकड़ लिया।
घर लाकर परिवार वालों ने किशोरी को काफी समझाया लेकिन वह नहीं मानी। उसकी जिद से गुस्साए पिता भाइयों और चाचा आदि ने उसका गला दबा दिया और फिर उसे दुपट्टे के सहारे फांसी पर लटका दिया।
पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मंगलवार तड़के उसके दो चाचा थाने पहुंचे और पुलिस को उसके आत्महत्या करने की सूचना दी लेकिन उनकी बातों पर शक होने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ की। कुछ ही देर बाद उन्होंने असलियत उगल दी।
ऑनर किलिंग का मामला सामने आने पर पुलिस किशोरी के पिता और दोनों भाइयों को भी पकड़ लाई। उन्होंने भी इकबाल-ए-जुर्म कर लिया। पुलिस ने गांव के चौकीदार की तरफ से पांचों के खिलाफ किशोरी की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
इंस्पेक्टर भोजीपुरा सिकंदर यादव ने बताया कि आरोपियों को बृहस्पतिवार को जेल भेजा जाएगा।
'क्या करते, घर की गंदगी साफ कर दी'
पुलिस के मुताबिक किशोरी के दोनों चाचा सख्ती से पूछताछ करने पर टूट गए। उन्होंने बताया कि उन लोगों ने किशोरी को घर लाने के बाद उसे समझाने की काफी कोशिश की थी। उससे यह भी कहा कि चार बच्चों के बाप के साथ शादी करके वह कभी खुश नहीं रह पाएगी। उसका फैसला उसे बर्बाद कर देगा।
घर वालों ने उसे भरोसा दिलाया कि हशमत के अलावा वह जहां चाहेगी वे उसकी शादी कर देंगे। लेकिन किशोरी ने हर बार यही कहा कि वह हशमत से ही निकाह करेगी। इसके बाद घर वालों के आगे कोई चारा नहीं बचा। उन्होंने अपने घर की गंदगी साफ कर दी। इसका उन्हें कोई गम भी नहीं है।
हशमत मिल जाता तो उसे भी मार डालते। ऐसा नहीं करते तो हमारे परिवार की लड़कियों से बिरादरी का कोई लड़का शादी भी नहीं करता।
बेमेल प्यार ने ली किशोरी की जान
शादी पार्टियों में हलवाई का काम करने वाला हशमत बेहद ही शातिर किस्म का करीब 35 साल का युवक है। उसका किशोरी के घर आना-जाना था। किशोरी भी उसके घर आती-जाती थी। इस दौरान एक-दूसरे की उम्र की परवाह किए बगैर दोनों करीब आ गए। किशोरी की हशमत से शादी की जिद ही उसकी हत्या की वजह बन गई।
पिता को मिली दफन में जाने की इजाजत
पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद किशोरी का शव उसके परिवार के लोगों को सौंपकर उसके पिता को दफन में शामिल होने की इजाजत दे दी। पिता के बेटी के शव का कंधा देकर मिट्टी देने के बाद पुलिस फिर थाने ले गई।
पुलिस का कहना है कि किशोरी को हत्यारोपियों ने बेहद चालाकी से मारा। उसका गला दबाने के बाद मरने से पहले ही फांसी पर लटका दिया गया। यही वजह है कि पीएम रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह लटकने से होना बताई जा रही है। लेकिन उसके गले पर खरोंचों के निशान उसकी हत्या की गवाही दे रहे हैं।
युवती के शरीर पर मिले संघर्ष के निशान
फील्ड यूनिट ने भी किशोरी की हत्या की पुष्टि की है। फील्ड यूनिट के मुताबिक जिस जगह किशोरी फांसी के फंद पर लटकी हुई थी वहां की जमीन से कुंडे की ऊंचाई दस फीट है।
घटनास्थल पर मिले ड्रम की ऊंचाई साढ़े तीन फीट ही है और किशोरी की लंबाई भी पांच फुट से कम है। इसलिए यह संभव ही नहीं है कि वह खुद फांसी के लिए फंदा बनाकर लटक गई हो। इसके अलावा उसके शरीर पर संघर्ष के कई निशान भी मिले हैं।
एसएसपी जे रविंदर गौड़ ने बताया कि किशोरी की हत्या के मामले में उसके परिवार के लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करके जेल भिजवा दिया जाएगा।