रोचक लगने वाली ये घटना भोपाल से है। 38 साल के सौरवेंद्र ने तीन साल पहले एक बैंक और निजी फाइनेंसर की मदद से कर्ज लेकर एक ट्रक खरीदी थी।
लेकिन तीन साल बाद अपनी माली हालत ठीक न होने की वजह से सौरवेंद्र कर्जे को चुका नहीं पा रहा था। बढ़ते कर्जे को देखते हुए सौरवेंद्र को दोस्त इबारिक खान और उसके भाई इब्राहिम ने ट्रक की लूट का नाटक करने को कहा और प्लान तैयार कर लिया।
प्लान के मुताबिक सौरवेंद्र ने विदिशा- भोपाल रोड से ट्रक भर के सोयाबीन खरीदा और अपने ही रिश्तेदारों की मदद से उसे बीच रास्ते में ट्रक की लूट को अंजाम दे दिया।
साथ ही उसने अपने रिश्तेदारों की मदद से अपने ऊपर नकली चोटों के निशान लगवाए और खुदके हाथ और पैर बंधवाकर सड़क किनारे फेंकवा दिया।
आस पास के लोगों ने सौरवेंद्र की मदद की और मामले को सुखी सेवानिया पुलिस थाने में बताया। एसपी अरविंद सक्सेना को मामले में कुछ गड़बड़ी की सेंध लगी और उन्होंने जांच शुरु की।
जल्द ही पुलिस ने असलियत की पड़ताल की और सच्चाई का पता लगा लिया। अभी लूट का साजिश रचने वाले सौरवेंद समेत उसके सभी रिश्तेदार हिरासत में है।