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गैंगरेप पीड़िता मां का वीडियो मिला, लेकिन नन्हीं बची कहां है?

Thu, 07 Jan 2016 04:35 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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भाई को मिले बहन की गैंगरेप के वीडियो से जहां परिवार सन्न है। वहीं अब तक उस मासूम बच्ची का भी कुछ पता नहीं चला है जो रेप पीड़िता के साथ थी। मामला अब एसटीएफ के हवाले है। वहीं मामले को नजरअंदाज करने वाले आरोपी इंस्पेक्टर और दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है।
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पीलीभीत की लापता युवती के साथ गैंगरेप वीडियो मिलने के बाद पूरा पुलिस महकमा हरकत में आ गया। आईजी विजय सिंह मीना और डीआईजी आरकेएस राठौर ने पीलीभीत के अधिकारियों और पीड़ित पक्ष को सुनने के बाद पूरे मामले की समीक्षा की है।

मामले में लापरवाही बरतने और इसे दबाने के आरोप में थाना सुनगढ़ी के प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह और असम रोड चौकी इंचार्ज इंद्रजीत सिंह भदौरिया को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच और युवती का पता लगाने के लिए आईजी ने एसटीएफ को भी लगा दिया है।
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यह जानकारी मिलने पर कि वीडियो पुरानी हो सकती है, इसे फारेंसिक जांच के लिए लखनऊ भेज दिया गया है। इस बीच जांच में जुटी टीमों ने लड़की के पति और परिवार को वीडियो भेजने वाले बरेली के युवक समेत दस लोगों को हिरासत में ले लिया है।

बुधवार को सुबह ही आईजी विजय सिंह मीना और डीआईजी आरकेएस राठौर ने लड़की के पिता और भाई को बरेली बुला लिया था। मुरादाबाद से आए वैज्ञानिक डॉक्टर अरुण कुमार की मौजूदगी में लड़की के पिता को पुलिस के एक आला अफसर ने वीडियो क्लिपिंग दिखाई। लड़की के पिता ने कहा कि वीडियो में उन्हीं की बेटी है, लेकिन वीडियो क्लिपिंग में जो कपड़े वह पहने हैं वह उसके नहीं हैं।
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'रेप पीड़िता की बच्ची का भी अब तक पता नहीं'

पुलिस का कहना था कि छह महीने पहले भी इस तरह का एक और वीडियो वारयल हुआ था। पुलिस ने पिता से लड़की का एक फोटो लेकर वीडियो क्लिपिंग को जांच के लिए फोरेंसिक लैब, लखनऊ भेज दिया है। रिपोर्ट 36 घंटे के अंदर मिलनी है। वीडियो क्लिपिंग में दुराचार करने वालों की भाषा समझ में नहीं आ रही है। जांच से साफ हो जाएगा कि वीडियो क्लिपिंग उत्तर प्रदेश में ही बनी है या किसी और प्रदेश की है।

आईजी विजय सिंह मीना ने मीडिया को बताया कि पीलीभीत की लड़की तो गायब हुई है। उसके साथ उसकी तीन साल की नन्हीं बच्ची भी थी, उसका भी कुछ पता नहीं है। हमारी टीमें घटना की सच्चाई जानने के लिए लगी हुई हैं। वीडियो क्लिपिंग कहां से वायरल हुई। इसका पता लगाने के लिए एसटीएफ को भी लगा दिया है। लड़की को तलाश करना हमारा पहला टारगेट है। उसके मिलते ही सारे सवालों का हल खुद ही निकल आएगा।

वहीं बरेली जोन के वैज्ञानिक डॉक्टर और डॉक्टर अरुण कुमार ने कहा कि पीलीभीत की लड़की डेढ़ महीने पहले गायब हुई है। जबकि वीडियो क्लिपिंग में दुराचार करने वाले टी शर्ट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। लड़की के कपड़े भी सर्दी वाले नहीं है। वीडियो क्लिपिंग को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भिजवा दिया है। एक-दो दिन में रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी।
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