अजय जडेजा उर्फ जनक यादव। जडेजा गैंग का सरगना और जरायम की दुनिया का जाना पहचाना नाम। शहर में कई चर्चित हत्याओं में शार्प क्रिमिनल अजय का नाम सामने आया है। 2013 में कचहरी में हुए प्राणघातक हमले के बाद जडेजा को मेरठ से झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया था।
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आगरा में दिनदहाड़े बैंक लूट के मामले में जडेजा गैंग पुलिस के निशाने पर है। शिव सेना नेता धर्मदत्त शर्मा उर्फ धर्मा के काफी करीबी रहे जडेजा का कभी शहर में सिक्का चलता था।
लोकप्रिय अस्पताल में डबल मर्डर रहा हो या फिर सुलेख, शैली एडवोकेट या धीरज गुप्ता की हत्या का मामला। वेस्ट यूपी के बड़े गैंगों में शुमार भूरा गैंग के मुखिया रविंद्र भूरा की हत्या में भी जडेजा का नाम सामने आया था।
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कई चर्चित हत्याओं में रहा है इसका नाम
उस वक्त जडेजा जेल में था और यह हत्या जडेजा के शार्प शूटरों द्वारा करना बताया गया था। धर्मा की हत्या का बदला लेने के लिए जडेजा पर मोदीनगर में मुकेश किठौली की गोली मारकर हत्या करने का भी आरोप लगा था।
गुड़गांव में जडेजा ने धर्मपाल उर्फ सरपंच को पुलिस कस्टडी में मौत के घाट उतार दिया था। इसी केस में 2011 में जडेजा मेरठ जेल से पेशी पर गुड़गांव गया था तो साथी परवेज डैंजर के साथ कस्टडी से फरार हो गया था।
उसे परतापुर पुलिस आसाम से ढूंढकर लाई थी। उस वक्त उसके साथ धर्मा की पत्नी पुष्पा शर्मा भी थी। फरवरी 2013 में जडेजा पर मेरठ कचहरी की हवालात में चाकुओं से हमला बोला गया था।
जडेजा को केस लड़ने के लिए पैसों की दरकार है
बुरी तरह घायल जडेजा को बाद में झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया था। बताया गया कि गुड़गांव मर्डर केस में जडेजा को आजीवन कारावास हुई थी। इसके खिलाफ जडेजा द्वारा सुप्रीमकोर्ट में अपील करने के लिए जोड़तोड़ की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार जडेजा को केस लड़ने के लिए पैसों की दरकार है। लेकिन उसके करीबियों की मानें तो हत्या और रंगदारी वसूलने में एक्सपर्ट जडेजा गैंग इस हालत में नहीं है कि बैंक लूट सके।
आगरा में बैंक लूट में पांडव नगर निवासी चार युवकों का नाम भी सामने आ रहा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इन युवकों ने साल 2012 में आगरा में एटीएम लूटा था। इनमें एक बदमाश टैक्सी चालक भी बताया गया है। यह गैंग ज्यादातर आगरा में ही वारदात करता है।
बैंक डकैती में निशाने पर जडेजा गैंग
विजया बैंक डकैतीकांड में पुलिस के निशाने पर अजय जडेजा गैंग आ गया है। बदमाशों की कद-काठी व बात करने का लहजा इस पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गिरोह के सदस्यों से मिलता-जुलता है।
शक इसलिए भी है क्योंकि जडेजा के कई गुर्गे आगरा में रहते हैं। वहीं पुलिस वारदात के पीछे हरेंद्र राणा की भूमिका से भी इनकार नहीं कर रही है। एसटीएफ की टीम भी छानबीन में लगी हुई है।
घटना के संबंध में बैंक के कैशियर दयालबाग निवासी शशिओम गुप्ता ने पांच अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती, बंधक बनाने और जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि दस लाख रुपये बैंक के केबिन और 20 लाख रुपये स्ट्रांग रूम से लूटे गए।
एसटीएफ भी शातिरों का रिकार्ड खंगालने में जुटी
इसके अलावा राज म्यूजिको के अकाउंटेंट से पांच लाख की नगदी लूटी गई। एक युवक को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
बता दें कि गुरुवार को सदर क्षेत्र के ताज रोड स्थित विजया बैंक की छावनी शाखा में 35 लाख की डकैती के बाद बदमाशों ने आग लगा दी थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो पेशेवर बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है।
बैंककर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों की बात पर यकीन करें तो बदमाशों ने आपस में बहुत कम बातचीत की। लेकिन एक बदमाश खड़ी बोली बोल रहा था। उसने एक महिला बैंककर्मी को ‘अम्मा’ कहकर संबोधित किया।
बदमाशों ने डकैती के बाद भागने के लिए बाग फरजाना इलाके से निशान माइक्रा कार को 20 मई की रात को ही चोरी कर लिया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो जडेजा गैंग में मेरठ और आसपास के बदमाश शामिल हैं।
जिस इलाके से गाड़ी चोरी हुई उस इलाके में भी जडेजा का एक गुर्गा रहता है। उसके आगरा में कई ठिकाने हैं। पुलिस का मानना है कि हरेंद्र राणा, अरुण फौजी के बाद जडेजा गैंग ही इस तरह की दुस्साहसिक वारदात कर सकता है।
हालांकि आगरा में जडेजा ने कोई बड़ी घटना नहीं की है। वह एक दफा न्यू आगरा के दयालबाग में हथियारों के साथ पकड़ा गया था। शाहगंज का एक अपराधी भी जडेजा का गुर्गा रह चुका है। पुलिस का मानना है कि बदमाशों का गैंग दो दिन से इसी वारदात के लिए शहर में डेरा डाले हुए था।