'बेबी फैक्टरियों' में किशोरियों को गर्भवती कराया जाता है और उनसे पैदा होने वाले बच्चों को पैसे के लिए बेच दिया जाता है।
जी हां, सुनने में अजीब जरूर लगता होगा लेकिन यह सच है कि किशोरियों को इस लिए रखा जाता है ताकि उनसे बच्चे पैदा करवाए जा सके और उन बच्चों को मोटी रकम में बेचा जा सके।
पुलिस ने एक घर में छापा मारा। वहां से आठ गर्भवती किशोरियां मिलीं, जो बच्चों को जन्म देने के बाद बेच देती हैं। इन नवजात शिशुओं की कीमत लगभग दो हजार डॉलर होती हैं। इन घरों को बेबी फैक्टरी के नाम से जाना जाता है।
20 साल से भी कम उम्र की हैं किशोरियां
पुलिस अधिकारी अबिम्बोला ओयेयेमी के मुताबिक खुफिया जानकारी के आधार पर ओगुन राज्य के अक्यूट जिले में बेबी फैक्टरी को ढूंढ़कर छापा मारा गया।
वहां एक घर में पुलिस को संदिग्ध हालत में सरगना और आठ गर्भवती किशोरियां मिलीँ। इनकी उम्र 20 साल से कम है। दक्षिणी-पश्चिमी नाइजीरिया इलाके में पहली बार 'बेबी फैक्टरी' का मामला सामने आया है।
द गार्डियन अखबार ने शनिवार को पहले पन्ने में आठों किशोरियों की तस्वीर सहित खबर छापी है, इसमें उनका निकला हुआ पेट साफ दिखाई दे रहा है।
आयेयेमी का कहना है कि लड़कियों ने खुद स्वीकार किया है कि वे प्रत्येक नवजात बच्चे को तीन लाख नेयर (1,800 डॉलर) में बेच देती हैं। जांच पूरी होने के बाद संदिग्धों पर कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे बच्चे होते हैं हैवानियत के शिकार
2011 से अब तक पुलिस 'बेबी फैक्टरियों' से 125 किशोरियों को मुक्त करवाने में सफल रही है। ज्यादातर ऐसे मामले नाइजीरिया के दक्षिणी-पूर्वी इलाके में पाए गए हैं।
दक्षिणी-पूर्वी नाइजीरिया मानव तस्करी और कालाबाजी की समस्या से पिछले दो सालों से जूझ रहा है। अधिकतर मामलों में नवयुवतियां इन फैक्ट्रियों को चलाती पाई गई हैं। वो शादी के बिना गर्भ के कलंक से बचने के लिए ऐसा करती हैं।
बच्चा बेचना उनका एक ब्यवसाय बन गया है। इन बच्चों को ज्यादातर ऐसे विवाहित जोडे़ खरीदतें हैं, जो संतानहीन हैं। नवजात लड़के की कीमत लड़की से ज्यादा मिलती है।
पश्चिमी अफ्रीकी देशों में मानव तस्कर का काम धड़ल्ले से चलता है। यहां से बच्चों को उनके परिवार वालें से खरीद लिया जाता है और पौधा लगाने, खदानों, कारखानों और घरेलू कामों में सहायता के लिए लगा दिया जाता हैं। कुछ बच्चे वेश्यावृत्ति, अत्याचार और काला जादू में बलि चढ़ाने के शिकार हो जाते हैं।