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आशा कार्यकर्ता की मिलीभगत से नवजात 'बजरंगी भाईजान' हुआ था चोरी

Fri, 05 Feb 2016 12:49 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा
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यूपी के मथुरा के जिला महिला अस्पताल से नवजात को चोरी करने वाली महिला को पुलिस ने बरामद कर लिया है। बुधवार देर रात पुलिस को मिली इस कामयाबी से बच्चे की मां के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
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गिरफ्तार महिला ने बताया कि वह बच्चे को दिल्ली में बेचने वाली थी। इस साजिश में एक आशा कार्यकर्ता ने उसका साथ दिया। घटना के खुलासे पर डीआईजी, डीएम और एसएसपी ने पुलिस टीम को 40 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
 
घटनाक्रम बीती एक फरवरी का है। जिला महिला अस्पताल में एक महिला खुद को नर्स बताकर नवनीत नगर कोतवाली इलाका निवासी आमीन शाह के तीन दिन के नवजात बेटे को लेकर भाग गई थी। उसे बच्चे को पोलियो का टीका लगवाने की कहकर बेड से उठाया था।
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सरकारी अस्पताल से बच्चे के इस तरह लापता होने से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे डीएम ने अस्पताल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। लापरवाही पर सीएमएस के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी।

बुधवार को भाजपा महिला मोर्चा ने भी अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन किया था। इस पर पुलिस हरकत में आई और आमीन शाह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद महिला की तलाश में दबिश दी गईं।

मोबाइल फोन ने खोल दिया राज

बुधवार को रात 11 बजे कोतवाली, होलीगेट चौकी, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम ने गोवर्धन रोड स्थित अमर कालोनी के मकान में दबिश दी। यहां से सुराग मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला पिंकी को नए बस स्टैंड, मथुरा से गिरफ्तार कर लिया। उसके पति सौरभ सारस्वत को गिरफ्तार करने के बाद बच्चा भी बरामद कर लिया गया।

एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि पिंकी एक महीने बाद बच्चे को दिल्ली की संस्था को बेचने की योजना बना रही थी। इस बारे में उसने अपने पति को भी गुमराह किया। उन्होंने बताया कि पिंकी की सीमा नाम की आशा कार्यकर्ता से पहचान थी। उसने साजिश में सीमा के शामिल होने की बात कही है।

जिला महिला अस्पताल से नवजात के चोरी होने के बाद पुलिस ने अस्पताल में आए सभी लोगों के मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया था। इसमें 500 से अधिक नंबर ट्रैस किए गए। पिंकी का मोबाइल नंबर एक फरवरी के बाद से महिला अस्पताल की ओर लोकेशन नहीं बता रहा था। इसी आधार पर उसकी लोकेशन लेकर दबिश दी गई।

पति को किया गुमराह, खुद को गर्भवती बताती रही

38 साल की पिंकी ने 25 साल के सौरभ सारस्वत के साथ दो साल पहले दूसरी शादी की है। उसका पहला पति भोला निवासी त्रिपुरारी नगर हाथरस में रहता है। भोला और पिंकी के तीन बच्चे हैं। इनमें एक बेटा 19 साल, दो बेटी 17 और 15 साल की हैं।

पिंकी ने पुलिस को बताया कि वह हाथरस के प्रेमरघु अस्पताल में आठ साल तक बतौर नर्स काम कर चुकी है। घर में क्लेश होने के कारण उसने अपने परिचित सौरभ सारस्वत मूल निवासी गांव पवेसरा थाना राया और हाल निवासी अमर कालोनी थाना हाईवे गोवर्धन रोड के साथ शादी कर ली।

उसके तीनों बच्चे भोला के पास ही रह रहे हैं। सौरभ ने पुलिस को बताया कि पिंकी की भोला से शादी कराने में उसके मामा मध्यस्थ थे। इसी के चलते पिंकी से उसकी जान पहचान हुई थी।
 
नवजात को चोरी करने बाद पिंकी ने सौरभ को भी गुमराह किया। बतौर सौरभ पिंकी खुद को गर्भवती बताती थी। उसने डिलिवरी टाइम नजदीक आने की बात भी घर और मुहल्ले में प्रचारित की। इसके बाद वह महिला अस्पताल में सक्रिय हो गई।
 
बच्चा चोरी करने के बाद पिंकी सीधे आजमपुर पहुंची। यहां एक दिन सीमा के साथ रही। घर पहुंचकर उसने सौरभ को बताया कि बच्चा उसी का है और डिलिवरी सीमा के यहां हुई। इस पर सौरभ ने विश्वास कर लिया।

पुलिस ने सौरभ को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। सीमा की तलाश की जा रही है। इधर कोतवाली में पिंकी ने बताया कि इस काम के लिए उसने सीमा के जरिए गर्भ समापन कराया था। इस पुलिस ने उसकी चिकित्सा जांच कराई है।
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‘बजरंगी भाईजान’ बन मांग की गोद में आया मासूम

कलेजे के टुकड़े से बिछड़ने के बाद तीन दिन से आंसू बहा रही आमीन की पत्नी नसरीन के दामन में अब अपार खुशियां हैं। उसके बच्चे का नाम ‘बजरंगी भाईजान’ रखा गया है।

नसरीन ने बताया कि बेटे के मिलने की सूचना होलीगेट चौकी प्रभारी दफेदार ने पति के मोबाइल पर दी थी। इस खुशी में उनके आंसू निकल आए। बेटे के पास आने तक वे असमंजस में रहीं। 11:30 बजे पति को साथ लेकर पुलिस अधिकारी आए तब कलेजे को ठंडक मिली।

उन्होंने फिल्म बजरंगी भाईजान के आधार पर अपने बेटे का नाम ‘बजरंगी भाईजान’ रखने का फैसला लिया है।

आमीन का कहना है कि बच्चा जाने से उसकी जिंदगी का सब कुछ खो गया था। नसरीन के सामने जाते ही वह बेटे के बारे में पूछती तो वह जवाब नहीं दे पाते थे। इससे वह पास जाने से कतराते रहे। तीन दिन कैसे कटे बता नहीं सकते। आमीन की मां जमीना कहती हैं कि उनके नाती का वापस आना ऊपर वाले का करिश्मा और सब लोगों की दुआ का नतीजा है।

उधर घटना के खुलासे पर डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने 10000, डीएम राजेश कुमार ने 25000 और एसएसपी ने 5000 रुपये बतौर इनाम तीनों पुलिस टीम को देने की घोषणा की है। पुलिस की इस सफलता में होलीगेट चौकी प्रभारी दफेदार और स्वाट प्रभारी हरीशवर्धन ने अहम जिम्मेदारी निभाई।
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