नयना पुजारी रेप और हत्याकांड मामले के मुख्य आरोपी ने यरवडा जेल की सुरक्षा को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उसने बताया कि जेल से फरार होने में वहां के एक डॉक्टर ने उसकी मदद की थी। इसके लिए उसने रिश्वत दी थी।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, मुख्य आरोपी योगेश राउत ने दावा किया है कि यरवडा जेल के डॉक्टरों की मदद से वह ससून अस्पताल से भागने में सफल रहा। लगभग 20 माह तक फरार रहने के बाद पुलिस ने उसे 31 मई को शिरडी से गिरफ्तार कर लिया था।
योगेश ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान उसने अपने भाई से पैसे लिए थे। फिर उसे इस मामले में दूसरे आरोपी नितिन मोढ़ा को दिए थे। उसने अपने सहयोगियों की सहायता वे पैसे जेल में डॉक्टरों को दिए।
उसके बाद एक डॉक्टर ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया और उसके खुजली से पीड़ित होने की झूठी रिपोर्ट बना दी। साथ ही जेल प्रशासन को उसे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी।
मुख्य आरोपी ने बताया कि 17 सितंबर 2011 को उसे सुबह 10:30 जेल से अस्पताल ले जाया गया। घरवालों से मिलाने के लिए पुलिस वैन में एक सिपाही पाटिल (नाइक सुमेरसिंह पाटिल) ने उससे 2000 रुपए मांगे। भाई ने उसे 6000 हजार रुपए दिए, जिसमें से उसने 2000 हजार पाटिल को दिए तो उसने हथकडी़ खोल दी।
उसने अपने परिजनों को बताया कि उसे सजा होने वाली है। फिर वह पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया। आरोपी ने अपने बयान में बताया कि सुनवाई के समय उसके वकील बी ए अलूर ने कहा था कि सजा के अलावा उसके पास कोई विकल्प नहीं है लेकिन तुम भाग सकते हो।
इस पर उसके वकील ने कहा कि ये बात सरासर गलत है। यह उसे बदनाम करने की साजिश है।