अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद नारायण साईं का कहना था कि उसे हमेशा डर रहता था कि उसे दिल्ली पुलिस गिरफ्तार न कर ले।
इस कारण शुरू में राजधानी आने के बाद वह कभी यहां नहीं आया। नारायण ने यह भी कहा कि उसे विश्वास था कि दिल्ली पुलिस के अलावा किसी और राज्य की पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकती है।
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अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त कुमार ज्ञानेश व एसीपी केपीएस मल्होत्रा की देखरेख में इंस्पेक्टर अरविंद व एसआई गुरमीत, विजय व ऋषि की टीम नारायण की गिरफ्तारी में लगी हुई थी।
रामभक्त की तरह रहता था कौशल
बिहार के दरभंगा का रहने वाला कौशल ठाकुर नारायण साईं से इस कदर प्रभावित हुआ था कि वह रामभक्त की तरह नारायण का भक्त हनुमान बन गया।
इस कारण उसे भक्त हनुमान बोला जाने लगा था। वह 16 वर्ष की उम्र से ही आरोपी से जुड़ गया था। इस समय कौशल की उम्र 29 वर्ष है।
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रविंद्र यादव ने बताया कि करीब 13-14 वर्ष पहले नारायण दरभंगा में प्रवचन देने गया था। वहां कौशल उससे प्रभावित हुआ था। नारायण उसे गुजरात ले गया। इसके बाद वह सूरत जहांगीरपुरा आश्रम में रहने लगा।
खाना बनाने का सामान साथ रखता था
पुलिस के अनुसार, नारायण व उसके साथी खाना बनाने के बर्तन व सामान साथ रखते थे। आरोपी की गाड़ी से बर्तन, खाना बनाने का सामान, ड्राई फ्रूट्स मिले हैं।
अमूमन नारायण को वहीं से खाना मिल जाता था, जहां वह छुपा होता था।