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मधुमिता शुक्ला के कातिलों ने बरसाईं गोलियां

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उत्तराखंड से गोरखपुर सीजेएम कोर्ट में पेशी पर आए मधुमिता शुक्ला के हत्यारों ने बुधवार की रात खोराबार में एक अधिवक्ता के घर पहुंचकर फायरिंग की। वे अधिवक्ता के परिवार पर जमीन को लेकर चल रही दुश्मनी में समझौता करने का दबाव बना रहे थे।
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उन्होंने कई बार अधिवक्ता को फोन पर धमकी भी दी थी। अधिवक्ता ने रात में ही चौकी इंचार्ज से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आईजी ने मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया है।

सिविल कोर्ट में अधिवक्ता विभूति भूषण पांडेय, महुई सुघरपुर में रहते हैं। उनका अपने पड़ोसी से जमीन को लेकर केस चल रहा है। विभूति भूषण ने बताया कि स्थगन आदेश के बावजूद विपक्षी उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसके लिए कई बार धमकी भी दिलवाई।
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पहले धमकी फिर घर पर फायरिंग

आरोप है कि मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के अभियुक्त चंद्र प्रकाश पांडेय और उनके सहयोगी श्रीप्रकाश दीक्षित मोबाइल फोन से केस में सुलह करने की धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत पुलिस में की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

दो अप्रैल की रात मोबाइल से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को संतोष राय बताते हुए मुकदमा न उठाने पर हत्या की धमकी दी। इसकी सूचना चौकी इंचार्ज को दी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद रात 11:15 बजे एक कार उनके घर आई। जिसमें प्रकाश चंद्र पांडेय, संतोष राय, दो सिपाही और श्रीप्रकाश दीक्षित असलहों से लैस होकर पहुंचे और मोबाइल से फोन कर घर से बाहर बुलाने लगे। इसी दौरान इन लोगों ने घर पर फायरिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद हमलावर चले गए। जाने के बाद फिर फोन कर समझौता न करने को लेकर धमकी दी।

गोरखपुर जोन के आईजी सतीश माथुर ने बताया कि सजायाफ्ता बदमाशों को पेशी पर ले आने के दौरान इस तरह से घुमाना गंभीर अपराध है। इसके लिए उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा। आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के लिए एसओ को निर्देश दिया गया है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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