मराठी हिरोइन अल्का पुनेवर ने प्रेमी आलोक पालीवाल से शादी करने के लिए अपनी गुमशुदगी की एक फिल्मी साजिश रची थी। मुंबई पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।
अल्का अपने प्रेमी आलोक के साथ चेन्नई में देखी गई हैं। पुलिस दोनों को वहां से मुंबई लाने के लिए एक टीम भेजी है। अल्का ने आलोक और एक दोस्त संजीव कुमार सोनकर के साथ मिलकर इस साजिश की स्क्रिप्ट लिखी थी।
मुंबई पुलिस ने संजीव को हिरासत में ले लिया है।
गदर, बवंडर जैसी हिंदी फिल्मों और कुछ टीवी सीरियल में काम कर चुकी 44 वर्षीय अल्का 27 दिसंबर, 2013 को उरान में एक पार्टी में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। फिर वहां से उनको पुणे होते हुए चेन्नई जाना था।
दो दिन बाद 29 दिसंबर को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के पास खोपोली में उनकी क्षतिग्रस्त कार एक गहरी खाई में मिली। मुंबई पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो संजीव कुमार पकड़ में आया।
एक साल से प्रेम संबंध
उसने बताया कि 24 वर्षीय साफ्टवेयर इंजीनियर आलोक से अल्का का एक साल से प्रेम संबंध चल रहा है। दोनों शादी करना चाहते हैं, लेकिन अल्का का पति संजय पुनेवर बीच का रोड़ा था। इसलिए उन्होंने यह साजिश रची।
संजीव ने बताया कि संजय 27 दिसंबर को अल्का को थाणे के आनंद थियेटर छोड़कर आया तो उसने संजय से कहा कि उसका ड्राईवर उसे उरान छोड़ देगा।
फिल्मी साजिश
संजय के जाने के बाद प्लॉन के तहत आलोक, संजीव और अल्का थाणे रेलवे स्टेशन के बाहर मिले। वहां से तीनों नवी मुंबई में संजीव के घर गए, वहां रात में पार्टी हुई। फिर अल्का वहां से चेन्नई चली गई। आलोक और संजीव उसकी कार से खोपोली के लिए निकले।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक जगह उनकी कार पंक्चर हो गई। तभी आलोक ने अल्का के फोन से संजय को बेटे का रिज्यूमे मेल करने का एसएमएस किया। फिर वे दोनों खोपोली पहुंचे और करीब 900 फीट गहरी खाई में अल्का की कार को गिरा दी और अल्का का मोबाइल फोन भी वहां ऐसे गिरा दिया कि जैसे कोई दुर्घटना हुई हो। फिर दोनों ने ट्रक चालकों को रोककर कार के खाई में गिरने की जानकारी दी। ट्रक चालकों ने यातायात पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने जब आलोक के मोबाइल नंबर को ट्रेस किया तो वह आंध्र प्रदेश में उसका लोकेशन था। फिर उन्हें एक और नंबर मिला, जिससे आलोक के नंबर पर लगातार बात हो रही थी। फिर पुलिस को संजीव का नंबर हाथ लगा। पुलिस ने उसे पकडा़ और मामले का खुलासा हो गया।
पुलिस ने बताया कि तीनों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, पुलिस को गुमराह करने और अपहरण के मामले में तीनों को गिरफ्तार किया जा सकता है।