मुंबई की एक फैमिली कोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी बीवी को 20 हजार रुपए प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।
महिला ने अपनी याचिका में कहा था कि उसका पति जबरन उसे पोर्न फिल्में दिखाता था और ऐसा न करने पर उसे बुरी तरह पीटता। एक बार इतना मारा कि कान से खून बहने लगा था।
टीओआई के अनुसार, महिला की फरवरी 2001 में शादी हुई थी। वह संयुक्त परिवार में रहती थी। 2005 में उसने एक बेटी को जन्म दिया। उसके बाद उसके पति ने दो बार उसका गर्भपात कराया। मां-बाप जब उससे मिलने आए तो ससुराल वालों ने उनसे 50 हजार रुपयों की मांग की।
पति ने घर से निकाला
महिला ने बताया कि विरार इलाके में एक फ्लैट खरीदने के लिए उसके सुसराल वालों ने उसके गहने बेच दिए। फिर जून 2003 में उसे और उसके पति को घर से निकाल दिया। वे दोनों परेल में एक फ्लैट में रहने लगे। 2008 में पति ने भी उसे घर से निकाल दिया तो वह अपने मां-बाप के साथ रहने लगी।
पिछले सप्ताह उसने कोर्ट को बताया कि उसका पति गोवा की एक कंपनी में काम करता है। उसका वेतन प्रतिमाह 50 हजार रुपए है। इस आधार पर उसने पति से अपने और बेटी का गुजारा भत्ता देने की मांग की। पति ने कहा कि उसके व्यवहार के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया है वह बस 6 हजार महीने कमाता है।
देना होगा गुजारा भत्ता
उसके पति ने कोर्ट को बताया कि उसकी पत्नी परिवार में ठीक से रह नहीं पाई। वह विलासितापूर्ण जीवन बिताना चाहती थी। गोवा से मुंबई वह फ्लाइट से आने को मजबूर करती थी, जिसके कारण उस पर कर्ज हो गया। वह स्वयं नौकरी करती है। उसके पति ने कोर्ट से याचिका रद्द करने की अपील की।
इस पर कोर्ट ने कहा कि महिला के पति ने वेतन संबंधी या नौकरी से निकाले जाने संबंधी कोई प्रमाण नहीं दिया है। इसलिए उसे 20 हजार रुपए प्रति माह गुजारा भत्ता देना होगा।