मेरठ में एसटीएफ ने बुधवार दोपहर 4.94 लाख नकली नोटों की करेंसी के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे काफी समय से वेस्ट यूपी, दिल्ली और बिहार में करेंसी सप्लाई करने का धंधा कर रहे हैं।
गिरोह का सरगना पश्चिम बंगाल के माल्दा का बताया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। वेस्ट यूपी में नकली नोटों की करेंसी सप्लाई करने का गोरखधंधा खूब चल रहा है। पश्चिम बंगाल के माल्दा में बैठा सरगना रोजाना करोड़ों रुपये की करेंसी सप्लाई करता है। इसकी शिकायत लगातार एसटीएफ को मिल रही थी।
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इस पर बबलू कुमार पुलिस अधीक्षक गौतमबुद्धनगर, राजेश कुमार सिंह अपर पुलिस अधीक्षक, अनित कुमार एसटीफ फील्ड इकाई मेरठ और धमेंद्र कुमार इंस्पेक्टर की एक टीम बनाई गई। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर उक्त टीम ने परतापुर बाईपास फ्लाई ओवर के पास करेंसी सप्लाई करते रफीक मलिक निवासी इस्लामनगर, गाजियाबाद, मुरारी लाल वर्मा निवासी पल्ला अलीपुर, दिल्ली-36 और संजीव कुमार निवासी तुगाना छपरौली बागपत को गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि दिल्ली और वेस्ट यूपी में अब तक उन्होंने करीब 80 लाख रुपये नकली नोटों की सप्लाई की है। पश्चिम बंगाल के माल्दा में सरगना के बैंक अकाउंट के जरिये पैसा जाता है। बाद में यहां से आरोपी जाते है और नकली करेंसी लेकर आते हैं।
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हाल ही में आरोपियों ने पल्लवपुरम में नकली करेंसी दी थी। काफी पूछताछ करने के बाद भी आरोपियों ने पल्लवपुरम में करेंसी लेने वालों का नाम नहीं बताया। इससे पहले भी आरोपियों ने मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर में सप्लाई करना कबूल किया। इस धंधे में दो दर्जन से अधिक लोग शामिल है।
40 हजार में मिलते है एक लाख
एसटीएफ टीम ने बताया आरोपियों को पश्चिम बंगाल से 40 हजार रुपये देकर एक लाख रुपये के नकली नोटों की करेंसी मिलती है। इसके बाद आरोपी भी 20 हजार रुपये के मुनाफे से 60 हजार रुपये में करेंसी दूसरे गिरोह को सप्लाई करते हैं। इस गिरोह में करीब दो दर्जन से अधिक लोग शामिल है, जिनका अलग-अलग काम होता है।
पशुओं की पैठ में ज्यादा खपत
आरोपियों की माने तो नकली नोटों की करेंसी अधिकांश पशुओं की पैठ में आसानी से खप जाती है। उन्होंने बताया कि पैठ के अलावा बड़ा कारोबार करने वाला व्यापारी भी उनके जाल में आसानी से फंस जाता है। कौन से इलाके में कितना नकली नोट पहुंचाना है, यह सब कुछ पहले से तय होता है।