पशु व्यापारी मशरूफ अहमद की हत्या के मुख्य आरोपी शकील अहमद की गोली मारकर शनिवार रात हत्या कर दी गई। हमलावरों ने धारदार हथियारों से उसके शव को कई जगह से काट डाला।
शकील के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मशरूफ की पत्नी और भाई समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। साथ ही महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर असलहा बरामद कर लिया गया।
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घात लगाकर हमला
बताते हैं कि शकील अहमद दो माह पूर्व ही जमानत पर रिहा होकर आया था। रात नौ बजे वह चाचा हाजी कलुआ के घर से अपने घर जा रहा था। रास्ते में घात लगाए हमलावर उसे खींचकर मशरूफ के घर के सामने ले गए और गोली मारकर हत्या कर दी।
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हमलावरों ने उसके शव को धारदार हथियार से काट डाला। उसके बाद फरार हो गए। रात में फायरिंग की आवाज पर लोग घर से बाहर निकल कर आए तो वारदात का पता चला। जैसे ही शकील अहमद की हत्या की सूचना उसके परिजनों को लगी तो घर में कोहराम मच गया।
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हथियार बरामद
स्वार कोतवाल धर्मेश शाही पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शकील के भाई अरशद अली ने गांव के हाफिज कुरबान, महबूब अली, असगर अली, करामत अली और शमशुल निशा पत्नी मशरूफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया।
रविवार को पुलिस ने गांव से भाग रहे हाफिज कुरबान और शमशुल निशा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हुए दो तमंचे, कारतूस, छुरा और पाटल बरामद किया।
'हां...मैने की है हत्या'
शमशुल निशा कोतवाली में चीख चीख कर कह रही थी कि हां मैने अपने लोगों के साथ मिलकर की है शकील की हत्या। क्योंकि शकील ने उसके पति का अपहरण कर हत्या की थी। मुझे हत्या का कोई अफसोस नही है और मैंने अपने पति की हत्या का बदला ले लिया।
सीओ हीरा सिंह ने बताया कि शकील ने गांव के मशरूफ का अपहरण 31 मार्च, 2010 को किया था। जिसके बाद मशरूफ का कत्ल कर दिया।