यूपी के मैनपुरी में महिला अपराधों के प्रति पुलिस की संवेदनहीनता का ऐसा उदाहरण शायद ही कहीं मिले। दुष्कर्म की शिकायत लेकर आई महिला का ‘मेडिकल’ एसओ ने अपनी परिचित महिला से घिरोर थाने में ही करा लिया।
इतना ही नहीं, अपमानजनक और अमानवीय तरीके से की गई जांच के आधार पर रेप न होने की बात कहते हुए पीड़िता व उसके पति को थाने से भगा दिया।
एसओ ने आरोपी को क्लीन चिट दे दी। हालांकि बाद में पीड़ित द्वारा एसपी कार्यालय में शिकायत के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
किसी को बताने पर जहर का इंजेक्शन लगाने की धमकी
सोमवार को हुए इस शर्मनाक मामले का खुलासा मंगलवार को हुआ जब पीड़ित महिला एसपी दफ्तर आई। वह घिरोर के नजदीक के गांव की रहने वाली है। वह अपने पति के साथ घिरोर में पैथोलॉजी लैब गई थी। वहां पति को खून की जांच करानी थी।
सैंपल देने के बाद वह पत्नी को लैब पर बैठाकर बाजार में खरीदारी करने चला गया। महिला का आरोप है कि पति के जाने के बाद लैब संचालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
विरोध पर उसके पति को जहर का इंजेक्शन लगाकर मार डालने की धमकी दी। सहमी महिला वहां मुंह न खोल सकी। गांव पहुंचने के बाद उसने पति को सारी बात बताई। पति उसे लेकर शिकायत करने रात में ही थाने पहुंचा।
थाने में ही महिला को किया निर्वस्त्र
पीड़िता का आरोप है कि पहले तो एसओ ने उसके साथ अभद्रता की। फिर अपनी किसी परिचित महिला को बुलाकर जांच के लिए उसके साथ थाने के एक कमरे में भेज दिया। कमरे में उस महिला ने धमकाते हुए उसके कपड़े उतरवा दिए।
फिर अमर्यादित और अमानवीय तरीके से ‘जांच’ की। थाने से दुत्कारे जाने के बाद पीड़िता मंगलवार को एसपी कार्यालय आई। सीओ कुरावली बीपी सिंह ने बताया कि उससे तहरीर लेकर लैब संचालक को हिरासत में ले लिया गया है।
पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि एसओ के व्यवहार की भी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।