उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कुकर्म के बाद एक किशोर की हत्या कर दी गई। वह जिले के मानधाता थाना क्षेत्र के हरिहरपुर मदरसे में अरबी का छात्र था।
पुलिस के मुताबिक, इमरान (12) पुत्र एबादउल्ला की दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या की गई। सरायराजा गांव के पास उसका शव पड़ा मिला।
मृतक के चाचा मो. जमा ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पड़ताल के बाद बालक के मौसा को दुष्कर्म और हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
मुंबई में टैक्सी चालक था बाप
मानधाता बाजार निवासी एबादउल्ला मुंबई में टैक्सी चालक है। वह इस समय मुंबई में है। उसके तीन बेटों में सबसे छोटा इमरान हरिहरपुर स्थित मदरसा नूरुल उलूम में अरबी की पढ़ाई कर रहा था।
बुधवार शाम वह मदरसे से अपने मौसा मो. नसीम के घर बदलागढ़ मानधाता जाने के लिए निकला था। नसीम हरिहरपुर मदरसे में ही शिक्षक था लेकिन एक साल पहले निकाल दिया गया था।
मदरसा और मौसा के घर के बीच सरायराजा गांव के लोग सुबह घरों से निकले तो चकमार्ग पर इमरान का शव पड़ा देखा। कुछ ही देर में उसकी पहचान हो गई। चंघईपुर ग्राम प्रधान मो. अकरम ने पुलिस के साथ ही उसके परिजनों को सूचना भेजवाई।
मदरसे के प्रिंसिपल और छात्र के परिजानों से पूंछताछ
एसओ निशीकांत राय मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में सीओ रानीगंज सुरेशचंद रावत भी पहुंच गए। शव की हालत देखने के बाद अप्राकृतिक दुष्कर्म की आशंका जताई जाने लगी। गले, सिर और पैर में चोटें थीं और कपडे़ अस्त व्यस्त थे।
परिवार की किसी से दुश्मनी न होने के कारण चाचा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इसके बाद सीओ ने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल अब्दुल हादी और मृतक के मौसा नसीम से पूछताछ की।
मोबाइल की काल डिटेल मंगवाई गई
मदरसे में बताया गया कि मो. नसीम को एक वर्ष पूर्व किसी छात्र के साथ गलत हरकत करने पर निकाल दिया गया था। इस पर पुलिस ने नसीम को हिरासत में ले लिया। नसीम यही कहता रहा कि इमरान उसके घर नहीं पहुंचा।
इस पर सीओ रानीगंज सुरेशचंद रावत ने उसके मोबाइल की काल डिटेल मंगवाई। देर शाम मिली पोस्टमार्टम रिपोट में दुष्कर्म के बाद हाथ से ही गला दबाकर उसकी हत्या करने की बात सामने आई है।
गले की हड्डी टूटी पाई गई और नाखूनों के निशान भी थे। स्लाइड टेस्ट के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दी गई है। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने नसीम को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ किये जाने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
परीक्षा होने के बाद घर जाने की तैयारी में था इमरान
मदरसे के आवासीय कमरे में अपने साथी सफदर के साथ रहने वाला इमरान अपने मौसा के घर सैंडल लेने की बात कहकर निकला था। उसकी हत्या के बाद साथी सफदर ने इस बात की जानकारी मदरसा प्रबंधन के साथ ही अन्य लोगों को दी।
इमरान की वार्षिक परीक्षा बुधवार को खत्म हो गई थी। गुरुवार को उसे रिजल्ट मिलना था। इसके बाद डेढ़ माह के अवकाश पर वह घर चला आता।
अवकाश की तैयारी के लिए वह सैंडल की चाहत में परीक्षा खत्म होते ही मौसा के घर जाने को निकला था। रात में ही उसकी हत्या कर दी गई।
अय्याशी के लिए नदी किनारे बना रखी थी झोपड़ी
मदरसे के पूर्व शिक्षक और बालक के मौसा नसीम ने अय्याशी के लिए नदी के किनारे झोपड़ी बना रखी थी। वहां वह अक्सर रुकता था। पूछताछ ने उसने पुलिस को बताया कि रात में इमरान को घर से दूर नदी किनारे स्थित झोपड़ी में ले गया था।
यहां दुष्कर्म के बाद भेद खुलने के भय से उसे मार डाला और शव गांव के बाहर सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस ने झोपड़ी से खून से सना बिस्तर बरामद कर लिया है।
इधर बालक इमरान की मां को विश्वास नहीं हो रहा था कि उसका बहनोई ऐसी हरकत कर सकता है। एसपी दीपक कुमार ने बताया कि आरोपी नसीम ने अपना जुर्म कबूल लिया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।