पश्चिम बंगाल में एक शख्स को अपनी सौतेली पोती से एक साल तक दुष्कर्म करने के आरोप में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
दार्जिलिंग जिले में सिंगमारी निवासी दोषी मोहन थापा पर 50 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है, जिसे न देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दार्जिलिंग की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया।
50 वर्षीय मोहन थापा साल 2010 से 2011 तक अपनी 15 वर्षीय सौतेली पोती से रेप करता रहा और वह गर्भवती भी हो गई। बात यहां तक पहुंच गई कि लड़की का गर्भपात भी नहीं कराया जा सका।
गर्भवती हुई तो खुली बात
किशोरी के माता-पिता अलग हो गए थे और इस कारण वह अपने दादा के साथ रहती थी। दादी की गैरमौजूदगी में आरोपी दादा किशोरी को अपने साथ सोने के लिए मजबूर करता था और दुष्कर्म करता था। एक साल तक यह सिलसिला चलता रहा।
लेकिन घटना तब सामने आई जब पीड़िता में आए शारीरिक बदलाव देखकर उसकी स्कूल टीचर ने उससे इस बारे में बात की। तब पीड़ित ने सारी बात शिक्षिका को बताई।
जब चिकित्सकीय जांच की गई तो लड़की को गर्भवती पाया गया। लड़की ने जून 2012 में एक बच्ची को जन्म भी दिया है। पीड़िता इस समय कलिम्पोंग में मिशनरियों द्वारा चलाए जा रहे स्कूल में पढ़ रही है।