उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात में लश्कर-ए-तैयबा के साइलेंट (छिपकर रहने वाले) आतंकी छुपे हैं।
उत्तर प्रदेश में इनकी संख्या सात से आठ के बीच है जबकि गुजरात व पश्चिमी बंगाल में करीब आधा-आधा दर्जन ऐसे आतंकी गुपचुप तरीके से रह रहे हैं।
लश्कर के बम गुरू अब्दुल करीम टुंडा के ससुर मो. जकारिया से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक अब्दुल करीम टुंडा के मोबाइल फोन से मिले नंबरों से भी ‘साइलेंट मोड’ में रहने वाले आतंकियों की जानकारी मिली है।
फिलहाल पुलिस टुंडा के मोबाइल से मिले भारतीय मोबाइल नंबरों की गहन जांच में जुटी है। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि लश्कर-ए-तैयबा के ये ‘साइलेंट मोड’ पर रहने वाले आतंकी कई सालों से भारत में छुपे हैं।
लश्कर व इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) को जब बम धमाके करने होते हैं तब इन आतंकियों का इस्तेमाल किया जाता है। घटना के बाद लश्कर इनसे संपर्क नहीं करता।
वैसे लश्कर के आका इन आतंकियों को बीच-बीच में मोटी रकम के अलावा सुविधाएं मुहैया कराते रहते हैं।
पुलिस के मुताबिक टुंडा का ससुर मो. जकारिया भी लश्कर का साइलेंट आतंकी रहा है। वह वर्ष 1999-2000 में पाकिस्तान गया था। पाकिस्तान में जकारिया को आतंकवाद के अलावा फिजिकल व मेंटल रूप से फिट रहने से जुड़ी लंबी ट्रेनिंग दी गई थी।
पाकिस्तान से आने के बाद वह बांग्लादेश चला गया, जहां उसने अल-मोहम्मदी नाम से एक तंजीम शुरू की। लश्कर ने आतंकियों को भारत में प्रवेश कराने का जिम्मा जकारिया को सौंप रखा था।