न कानून का खौफ, न पुलिस का डर। बदमाश सेना और पुलिस की वर्दी का बेखौफ होकर इस्तेमाल कर रहे हैं। मामला यूपी के उसी वाराणसी का है जहां से देश के प्रधानमंत्री सांसद है। लेकिन आपराधिक गतिविधियों का आलम ये हैं कि पुलिस से मुठभेड़ करनी हो या पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल कर किसी वारदात को अंजाम देना हो, बदमाश बेखौफ कर रहे हैं।
रविवार को कैंट क्षेत्र के लालपुर में पुलिस ने वर्दी में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इनमें बसपा एमएलसी विनीत सिंह का भतीजा शक्ति सिंह भी शामिल है। पुलिस ने तीनों के पास से पिस्टल, कारतूस, मोबाइल और वर्दी समेत कई सामान बरामद किए हैं।
सीओ कैंट राजकुमार यादव ने कैंट थाने में प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले का खुलासा किया। पुलिस को रविवार की सुबह सूचना मिली कि चोलापुर की ओर से सफारी सवार कुछ बदमाश पुलिस और सेना की वर्दी पहन कर शहर की ओर जा रहे हैं।
कारोबारी की हत्या की थी प्लानिंग, धरे गए
पुलिस को खबर मिली थी के बदमाश सारनाथ में एक कारोबारी की हत्या करने जा रहे हैं। पुलिस ने लालपुर में घेरेबंदी कर बदमाशों को रुकने का इशारा किया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सफारी सवार तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार शक्ति सिंह चोलापुर के गोला, महेंद्र यादव जौनपुर के बदलापुर क्षेत्र के नेवादा मुफलिसपुर और सुशील यादव फूलपुर के समेलुर का रहने वाले है।
गाड़ी में पुलिस की वर्दी, दो पिस्टल, एक रिवाल्वर, एक लैपटॉप, सात मोबाइल, मुहर और फर्जी पहचान पत्र समेत कई सामान बरामद हुए। शक्ति सिंह पर बीस से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह असलहों की तस्करी और महेंद्र यादव शराब की तस्करी करता है। सुशील यादव सेना भर्ती में दलाली करने के साथ ही फर्जी कागजात भी बनवाता है।
गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर कैंट रतन सिंह यादव, एसआई सूर्य प्रकाश मिश्र, महेश प्रसाद, आशुतोष सिंह, नरेंद्र शर्मा शामिल थे। बता दें कि पठानकोट एयरबेस पर आतंकियों ने सेना की वर्दी में ही हमला किया था।