अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम धनियामऊ में बुधवार को खेत से चारा खांद कर घर लौट रहे युवक की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई है।
मौका पाकर हमलावर फरार हो गया। घटना से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल के बाद शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। घटना के पीछे करीब 20 साल पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान समेत दो की हत्या के मामले में मृतक नामजद था लेकिन साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट से बरी हो गया था। संभावना जताई जा रही है कि इसी रंजिश के चलते मृतक के बेटे ने घटना को अंजाम दिया है।
अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम धनियामऊ निवासी सोनपाल का पुत्र राकेश(42) बुधवार को शाम करीब 3:30 बजे खेत से चारा खांदकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में हमलावरों ने घेराबंदी कर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई। जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर गया। इसी बीच हमलावर घटना को अंजाम देकर फरार हो गये। गोली की आवाज सुनते ही गांव में भगदड़ मच गई।
मौके पर जब तक परिजन पहुंचे तब तक राकेश ने दम तोड़ दिया था। सूचना पर थाना इंचार्ज माखनलाल कनौजिया दलबल के साथ घटनास्थल पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल के बाद उन्होंने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
घटना के कारण के विषय में बताया जा रहा है कि करीब 20 साल पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान रामविलास यादव व उनके साथी शिवकुमार मिश्रा की हत्या कर शव रात के अंधेरे में नदीं किनारे फेंक दिया गया था। इस घटना में कक्षपुरवा निवासी रामचंद्र, चाऊपुरवा निवासी सेठिया और राकेश को नामजद किया था। कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान रामचंद्र और सेठिया की मौत हो गई थी जबकि साक्ष्य के अभाव में राकेश दोष मुक्त कर दिये गये थे।
इसी को लेकर रामविलास के परिवारीजन से उनकी रंजिश चल रही थी। मृतक के भाई अवधेश ने रामविलास के बेटे देवनारायण उर्फ दीपू समेत पांच के हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना इंचार्ज ने बताया कि शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।