ज्योति हत्याकांड के रहस्य से पर्दा हटाने के लिए पुलिस अब जोर-शोर से जुट गई है। ज्योति की पर्सनल डायरी को महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है। पुलिस को उस डायरी की तलाश है।
ज्योति हत्याकांड मामले में कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए पुलिस आरोपियों का नारको एनालेसिस एवं पॉलीग्राफी टेस्ट भी कराएगी। दरअसल हाइप्रोफाइल मर्डर केस में पीयूष की एक दिन की रिमांड के बाद भी पुलिस को कुछ हासिल नहीं हुआ है। पुलिस अब अपने साक्ष्य एवं तथ्यों को पुख्ता करने के लिए पीयूष का अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराएगी।
इसके लिए सभी अभियुक्तों की रिमांड मांगी गई है। इसके अलावा आईजी ने गवाहों के कोर्ट में कलम बंद बयान कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और डायरी जांच के लिए सीएफएसएल हैदराबाद या दिल्ली भेजने की तैयारी है। हत्याकांड की विवेचना पारदर्शी हो इसके लिए आईजी ने बाकायदा एक्शन प्लान बनाया है।
फजीहत के बाद चूक से बचेगी पुलिस
सीओ मामले से हुई फजीहत के बाद पुलिस अपने स्तर से कोई चूक करना नहीं चाहती है। यही वजह है कि ज्योति हत्याकांड की विवेचना के लिए शहर के सात थानेदारों टीम लगी है।
इसमें एक महिला सबइंस्पेक्टर भी शामिल है। टीम में शामिल थानेदारों को विवेचना से संबंधित अलग-अलग काम सौंपा गया है। किसी को ज्योति की पर्सनल डायरी, किसी को मोबाइल और मैसेज डॉटा कलेक्ट से लेकर किसी को सीसीटीवी फुटेज देख कर साक्ष्य जुटाने तक का काम सौंपा गया है।
डायरी दे सकती है कई सबूत
एसएसपी के, सुनील इमैनुएल से आईजी आशुतोष पांडेय तक विवेचना नजर बनाए हुए हैं। ज्योति हत्याकांड की विवेचना एक्शन प्लान के हिसाब से आगे बढ़ा रही है।
इसके तहत घटनास्थल (सीएसए-रावतपुर रोड) से पनकी (जहां शव मिला था) तक के सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट करके उनका विश्लेषण, घटना के वक्त इस रूट पर पड़ने वाली दुकानों, प्रतिष्ठानों और एटीएम गार्डों से पूछताछ किया जाना, कार से जो फिंगर प्रिंट लिए गए थे, उनका अभियुक्तों की फिंगर से मिलान करना शामिल है।
ज्योति की पर्सनल डायरी से सबूत जुटाने के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबित ज्योति की डायरी से काफी कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लग सकते हैं।
रेस्टोरेंट की सभी फुटेज की जाएंगी हासिल
इसके अलावा वरांडा रेस्टोरेंट में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल करना और पीयूष और ज्योति के रेस्टोरेंट पहुंचने और वहां से जाने का समय पता लगाना।
वहीं ज्योति, पीयूष, पीयूष के माता-पिता, रिश्तेदारों एवं दोस्तों के मोबाइल का सीडीआर निकालकर उनका विशलेषण करना है। विवेचना के दौरान संदिग्ध लोगों को चिह्नित करके उनसे भी पूछताछ होगी।