कानपुर की करोड़पति बहू के हत्याकांड की गुत्थी सुलझती नजर आ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान ज्योति के पति पीयूष सामदसानी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक अवैध रिश्तों के दबाव में पीयूष ने अपनी पत्नी ज्योति की हत्या कराई।
पीयूष ने अपने ड्राइवर की मदद से ज्योति का कत्ल करवाने की बात मान ली है। इसके लिए पीयूष के ड्राइवर ने किराये के अपराधियों का इस्तेमाल किया। ड्राइवर और हत्यारों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। घटना के वक्त ड्राइवर की लोकेशन पनकी में उस जगह में मिली जहां ज्योति की लाश पाई गई थी।
कानपुर के इस हाई प्रोफाइल ज्योति हत्याकांड में देर रात पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि वारदात में तीन लोग शामिल थे। जांच अभी जारी है। इससे पहले पति पीयूष को पुलिस ने मंगलवार दोपहर को ही हिरासत में ले लिया था।
एक नहीं, तीन लड़कियों से था पीयूष का संबंध
पुलिस की जांच में पता चला है कि कारोबारी पीयूष श्याम दासानी के एक नहीं, कई लड़कियों से संबंध हैं। पुलिस ने ऐसी तीन लड़कियों को मोबाइल कॉल डिटेल और मैसेजिंग रिपोर्ट के जरिए खोज भी निकाला है। इनमें दो सगी बहनें हैं, जो एक पान मसाला कारोबारी की बेटियां हैं।
पीयूष के मोबाइल फोनकॉल डिटेल के जरिए पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस के मुताबिक पीयूष के उसकी फैक्ट्री में काम करने वाली केमिस्ट के अलावा एक पान मसाला कारोबारी की दो बेटियों से भी करीबी रिश्ते हैं।
इनमें एक के गर्भवती होने का पता चला है पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 27 जुलाई की रात होटल में खाने के दौरान पीयूष की पान मसाला कारोबारी की बेटी से मोबाइल पर बात हो रही थी। साथ ही वह एक और महिला मित्र केमिस्ट से मैसेज के जरिए संवाद कर रहा था।
सीसीटीवी फुटेज देख उड़ा पीयूष के चेहरे का रंग
पुलिस के मुताबिक वारंडा रेस्टोरेंट में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से छह-सात कैमरों में ही पीयूष की तस्वीरें कैद हुई हैं। आईजी आशुतोष पांडेय का कहना है कि रेस्टोरेंट के सीसीटीवी फुटेज देखने पर पाया कि रेस्टोरेंट में ज्योति- पीयूष एक टेबिल (सोफानुमा) पर आमने-सामने बैठै हैं।
टेबिल पर खाना आया। ज्योति ने खाना खाया लेकिन पीयूष ने काफी देर तक कुछ नहीं खाया। आखिरी वक्त पीयूष ने कुछ खाया। इसके बाद वह हुक्का पीने लगा और सोफे पर लेट गया। मोबाइल देखने लगा। वह ज्योति से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रहा था। इस दौरान पीयूष के मोबाइल पर एक एसएमएस आया।
इसके बाद पीयूष ने अपने मोबाइल में एक नंबर डायल किया और बात करते हुए रेस्टोरेंट की तीसरी मंजिल से उतरकर सड़क पर पहुंच गया। वहां सड़क पर खड़ी अपनी कार के आगे बातचीत करते हुए चला गया।
रेस्टोरेंट के छह-सात कैमरों में पीयूष की तस्वीरें कैद
करीब 15 मिनट बाद वापस रेस्टोरेंट पहुंचा। रेस्टोरेंट के पास स्थित कार शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखने से इस बात का पता चला। बकौल आईजी रेस्टोरेंट के बाहर पीयूष की कार जाने के तीन मिनट बाद केवल एक स्कूटी वहां दिखी है। यह स्कूटी कमिश्नर दफ्तर की तरफ चली गई। इसके अलावा कोई बाइक फुटेज में नहीं नजर आ रही है।
पीयूष को जब क्षेत्राधिकारी राकेश नायक घर से हिरासत में लेकर चले तो उसी समय कोपेस्टेट चेयरमैन विजय कपूर पहुंच गए। पहले तो उन्होंने क्षेत्राधिकारी को रोका लेकिन वरिष्ठ पुलिस अफसर का निर्देश कहने पर चुप हो गए।
परिवार को उन्होंने ढांढस दिया कि बस पूछताछ के लिए आधे घंटे ले जाया जा रहा है, वह लेकर आएंगे। इसके बाद खुद विजय कपूर सीओ दफ्तर पहुंच गए। वहां 3:57-7:55 बजे तक खड़े रहे। पीयूष की हिरासत खत्म न होने इन्हें वापस लौटना पड़ा।
पीयूष ने माना, शर्ट बदली थी
हाईप्रोफाइल ज्योति हत्याकांड में शक के दायरे में आए पति पीयूष ने मंगलवार को खुद को बेगुनाह बताने का प्रयास किया। अखबारों में खबर छपने के बाद सुबह टी-शर्ट दिखाकर वह यह बताता रहा कि उसने कोई कपड़े नहीं बदले थे, लेकिन होटल और थाने के वीडियो फुटेज दिखाने पर स्वीकार कर लिया कि बटन टूट जाने के कारण उसने टी-शर्ट बदली थी।
टी-शर्ट कहां बदली, इस सवाल पर वह चुप रहा। इतना जरूर कहा कि ज्योति से उसका किसी तरह का विवाद या अनबन नहीं थी। दुर्भाग्य उसे बचा नहीं पाया, इसका दुख है। पीयूष से सीओ के दफ्तर में मंगलवार को पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ।
पुलिस ने तथ्यों और सबूत के आधार पर सवाल पूछना प्रारंभ किया। पीयूष ने पुलिस को बताया कि बाइक सवार बदमाशों में से एक ने टोपी लगा रखी थी और उसकी बाइक पर स्वास्तिक का निशान था।
ज्योति हत्याकांड को लेकर चलती रहीं चर्चाएं
यह बात पुलिस को हजम नहीं हुई, क्योंकि समुदाय विशेष के युवक की बाइक पर स्वास्तिक का निशान होना समझ से परे हैं। पीयूष ने ज्यादातर सवालों का जवाब न में दिया। उसने पुलिस वालों से कहा कि जबरदस्ती उसे न फंसाया जाए।
पीयूष को लेकर पुलिस सीओ स्वरूप नगर दफ्तर पहुंची। पीछे-पीछे परिवार और रिश्तेदार भी वहां पहुंच गए। सभी सीओ दफ्तर के बाहर डेरा जमाए रहे। लोगों के बीच ज्योति हत्याकांड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं।
कोई पीयूष को दोषी बता रहा था तो कोई पुलिस की अब तक की जांच पर सवाल उठा रहा था। रात में पीयूष को पुलिस पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर लेकर चली गई। उसकी महिला मित्र को महिला थाने भेज दिया गया।
गुड़गांव भेजा गया मोबाइल नंबर
एसएमएस क्रेक कराने के लिए पुलिस गुड़गांव के आईटी एक्सपर्ट्स की मदद ले रही है। पुलिस की एक टीम पीयूष का मोबाइल नंबर लेकर गुड़गांव रवाना हो गई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि पीयूष और उसकी महिला मित्र के मैसेजों का जो भी अदान-प्रदान होता था, उसे पीयूष फौरन मोबाइल से डिलीट कर देता था।
उससे बात करने के बाद उसका मोबाइल नंबर भी डिलीट कर देता था। ज्योति को पीयूष के प्रेम संबंधों का पता चल गया था। इसके बाद से ही पीयूष अपनी जान से ज्यादा अपने मोबाइल को संभाल कर रखता था।
बाथरूम तक अपना मोबाइल ले जाता था। बाथरूम में दो-दो घंटे तक बात करता था। कभी ज्योति को अपना मोबाइल नहीं दिखाता था और न मांगने पर देता था। वारदात से पहले पीयूष और ज्योति ने खरीददारी की थी। पीयूष की कार में पुलिस को आम, सूजी और सील्ड कंपनी के तीन चाकू समेत कुछ अन्य सामान मिले हैं।
एक ही चाकू से किया गया था कत्ल
हालांकि इन चाकुओं का वारदात में प्रयोग नहीं हुआ है। पुलिस टीम ने मंगलवार को ज्योति के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों से अलग-अलग बात की। आईजी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना है कि एक चाकू से ज्योति के शरीर पर 14 वार किए गए हैं।
ज्योति के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ और अश्लीलता की कोशिश के निशान नहीं मिले हैं। उसके हाथ की अंगुली में जो चोट लगी थी, वह संघर्ष के दौरान आई थी। प्रोफेशनल क्रिमिनल किसी महिला की इस तरह हत्या नहीं करता है।
जब लूटपाट और छेड़छाड़ न हुई हो। डॉक्टरों और फोरेंसिक टीम से बातचीत के बाद ही अनुमान लगाया जा रहा है कि ज्योति की हत्या एक ही शख्स ने अंजाम दी है। संभावना है कि उसका सहयोग किसी ने और ने किया है। आईजी के मुताबिक कार पनकी थाने के पास सलीके से खड़ी की गई थी। सेंट्रल लॉक बंद था। कोई बदमाश वारदात के बाद न सेंट्रल लॉक बंद करता है और, कार से सलीके से खड़ा करता है।