ज्योति की हत्या तीसरे प्रयास में हो पाई थी। इससे पहले उसके पति पीयूष और साथियों के दो प्रयास असफल हो गए थे। तीनो बार रविवार का ही दिन चुना गया था जब पीयूष ज्योति को घुमाने ले जाता था। हत्यारोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ के बाद बुधवार को आईजी आशुतोष पांडेय ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
आईजी के अनुसार मनीषा ने ही पीयूष को ज्योति की हत्या के लिए उकसाया था। अभियुक्तों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बाद आईजी ने बताया कि ज्योति की हत्या की पहली कोशिश 13 जुलाई को की गई थी। उस दिन पीयूष एक रेन डांस पार्टी में ज्योति को लेकर गया।
रात 12.30 बजे ज्योति को मारने का समय तय हुआ था पर रेन डांस सवा 11 बजे ही खत्म हो गया। इसके चलते पीयूष और ज्योति को वापस लौटना पड़ा। वारदात के लिए अवधेश और अन्य लोग दीपू ढाबा में पीयूष के सिग्नल का इंतजार करते रह गए।
तीन प्रयास के बाद मार पाए थे ज्योति को
हत्या की दूसरी कोशिश 20 जुलाई को गंगा बैराज पर हुई। पीयूष अपने भतीजे और ज्योति को घुमाने के बहाने बैराज पर ले गया था। पीयूष ने अवधेश को बताया भी था कि तीन साल का भतीजा मेरे साथ है, उसे किसी भी हालत में खरोंच तक नहीं आनी चाहिए।
यहां लूटपाट के दौरान हत्या की योजना बनी थी। केवल 20 मिनट में 15 बार पीयूष ने अवधेश को कॉल किया था। तभी अचानक पानी बरसने लगा और अवधेश व उसके साथी गंगा बैराज नहीं पहुंच पाए और हत्या टल गई।
इसके बाद तीसरी बार 27 जुलाई को ये लोग ज्योति की हत्या करने में कामयाब हो गए। आईजी ने बताया कि पीयूष ज्योति को हर हाल में रास्ते से हटाना चाहता था। मनीषा ने अपनी शादी दूसरी जगह होने, बर्बाद हो जाने का हवाला देकर पीयूष को वारदात जल्दी करने के लिए प्रेरित किया था।
मनीषा को वारदात की वजह के साथ-साथ घटनाक्रम का उत्प्रेरक भी माना गया है। इससे मनीषा को भी उतनी ही सजा दिलाने की कोशिश होगी जितनी पीयूष और हत्या करने के आरोपियों को।
'ज्योति ने मेरा सब छीन लिया था'
'मैं पीयूष से प्यार करती हूं। ज्योति ने उसे मुझसे छीन लिया था, परिवार वाले मेरी शादी दिल्ली में तय कर रहे थे। शादी हो जाती तो सब खत्म हो जाता। पीयूष को यह पता था, उसी ने जल्दबाजी में इस घटना को अंजाम दिया है।'
पांच घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान ज्योति हत्याकांड में आरोपी मनीषा मखीजा ने कुछ इसी तरह पुलिस को जवाब दिए। मनीषा ने माना कि पीयूष से उसके संबंध हैं और वह उन्हें अंतिम समय तक निभाएगी। पुलिस के मुताबिक अवधेश इसका राजदार था।
'ज्योति को मार दो, लखपति हो जाओगे। पकड़े जाओ तो मेरा नाम कभी मत लेना। तुम्हारे घर इतने रुपए भिजवा दूंगा कि गिन नहीं पाओगे। यदि मेरा नाम लिया तो हाल बुरा होगा। मैं तो निकल जाऊंगा, तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।' अवधेश को अपनी पत्नी की हत्या की सुपारी देते समय पीयूष ने कुछ इसी अंदाज में उसे चेतावनी दी थी।
पुलिस के अनुसार हत्या के लिए 50 हजार रुपए की धनराशि हत्यारोपियों को टोकन मनी थी। पीयूष ने हत्यारोपियों से कहा था कि ज्योति के गहनों को लूट लोगे तो लखपति हो जाओगे। अवधेश व उसके साथी डर से गहने नहीं लूट पाए। जो लूटे भी, उसको रास्ते में छिपा दिया। ज्योति के प्लेटिनम के ब्रेसलेट की कीमत पांच लाख रुपए से अधिक थी। टॉप्स, रिंग मिलाकर सात से आठ लाख रुपए के गहने उसके शरीर पर थे।