क्या आप कभी मान सकते हैं कि किसी के खुदखुशी करने की वजह चेहरे पर आती झुर्रियां भी हो सकती है? इटली की रहने वाली
85 वर्षीय ओरिऐला कैजिनेलो को उनकी खूबसूरती पर ताउम्र गुमान था।
हैरान करने वाली बात ये है कि शारिरिक और मानसिक रूप से चुस्त और दुरूस्त कैजिनेलो का जीवन किसी और महिला की तरह ही सामान्य था। वो एक पेंशनर थी और अपना जीवन सही ढंग से बिता रहीं थी।
हर हफ्ते ब्यूटी पार्लर और स्पा जाने वाली कैजिनेलो अपनी सुंदरता को लेकर हमेशा गंभीर रहती थी।
दस हजार यूरोज देकर की खुदखुशी
85 उम्र की कैजिनेलो अकेलेपन का भी शिकार थी। कैजिनेलो के दोस्त हमेशा उनकी खूबसूरती की तारीफें किया करते थे। लेकिन बढ़ती उम्र के साथ झुर्रियों ने उन्हें और भी तनाव में डाल दिया था।
एक दिन अपने रिश्तेदारों से घूमने के बहाने वो शहर से बाहर गई और स्विटजरलैंड स्थित बसेल में स्विस राइट टू डाई क्लिनिक में चली गई। यहां पहुंचकर उसने क्लिनिक में दस हजार यूरो देकर युथनेशिया या फिर इच्छामृत्यु कर लिया।
जब बहुत दिल बीत जाने के बाद भी कैजिनेलो घर नहीं पहुंची तो उनके रिश्तेदारों को कुछ शक हुआ। उन्होंने इस बात की सूचना पुलिस को दी और कैजिनेलो की खोज शुरू की।
घर वो तो नहीं, डेथ सर्टिफिकेट पहुंचा
कैजिनेलो को अपने आप को खत्म कर देने पर पूरा यकीन था और उसने ये किया भी। इटली में कैजिनेलो के रिश्तेदार उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे।
लेकिन काफी दिन बीत जाने के बाद उन्हें कैजिनेलो का डेथ सर्टिफिकेट मिला और उसपर लिखे मौत की वजह ने उन्हें हक्का बक्का छोड़ दिया।
स्विस राइट टू डाई क्लिनिक एक ऐसा क्लिनिक है जहां लोग अपनी जिंदगी से परेशान होकर उसे खत्म करने के लिए आते हैं। अब तक 200 से ज्यादा लोगों ने यहां इच्छामृत्यु ली है।