सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिंडर को हैक करने का दावा करने वाले हैकिंग ग्रुप लिजार्ड स्क्वाड (Lizard Squad) ने इस कारनामे के एक दिन बाद ही मशहूर पॉप स्टार टेलर स्विफ्ट के टि्वटर और इंस्टाग्राम अकाउंट में भी सेंध लगा दी।
स्विफ्ट का अकाउंट हैक करने के बाद इस ग्रुप ने पॉप स्टार की न्यूड तस्वीरें लीक करने की भी धमकी दी। हालांकि बाद में स्विफ्ट ने टि्वटर पर लिखा कि कोई भी हैकर अगर ऐसा दावा कर रहा है तो वह सिर्फ फोटोशॉप का इस्तेमाल करके ही यह कर सकता है।
फेसबुक व इंस्टाग्राम को एक घंटे तक हैक करने का दावा करने वाले इस ग्रुप ने एक और दावा किया है कि उन्होंने क्रिसमस के मौके पर माइक्रोसॉफ्ट और सोनी जैसी बड़ी कंपनियों की वेबसाइट हैक की हैं।
आखिर कौन है ये लिजार्ड स्क्वाड?
हैकिंग ग्रुप लिजार्ड स्क्वाड का असल काम परेशानी खड़ी करना है और उससे इसे कोई कोई रोक नहीं सकता। ऐसा इस ग्रुप का मानना है।
बीते साल इंग्लैंड में एक इंटरव्यू के दौरान इस ग्रुप के एक 22 वर्षीय सदस्य ने कहा था कि वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वे कर सकते हैं। उसने अपना नाम 'मेंबर टू' बताया था। उसने कहा कि मैं सर्वश्रेष्ठ हैकर होने का दावा नहीं करता लेकिन फिर भी मैं बहुत कुछ जानता हूं जिससे परेशानी खड़ी कर सकता हूं।
इंटरव्यू के दौरान उसने दावा किया था कि लिजार्ड स्क्वाड ने माइक्रोसॉफ्ट और सोनी जैसी बड़ी कंपनियों के सिस्टम में सेंधमारी की ताकि उन्हें अपनी सुरक्षा की खामियों का अहसास हो।
हालांकि अब सेलिब्रिटीज के सोशल अकाउंट हैक करने के पीछे उनकी रणनीति और उद्देश्य साफ नहीं है। इंटरव्यू में 'मेंबर टू' ने बताया था कि लिजार्ड स्क्वाड में 10 लोग हैं और यहां कोई बॉस नहीं है।
तो ऐसे होती है हैकिंग की प्लानिंग?
हैकर ने खुलासा करते हुए कहा कि जब भी कोई साथी आइडिया लेकर आता है तो पहले सभी लोग उस पर विचार करते हैं और फिर जब सारे लोग सहमत होते हैं तभी आगे बढ़ते हैं।
इस ग्रुप के दो सदस्यों की पहचान होने का दावा किया जा रहा है जिनमें से 'मेंबर टू' भी एक है। शक है कि इंग्लैंड में सिक्योरिटी एनालिस्ट के तौर पर काम करने वाला विन्नी ओमारी ही 'मेंबर टू' है।
जबकि दूसरे की पहचान 16 वर्षीय जूलियस किविमाकी के रूप में हुई है। आशंका जताई जा रही है कि यह वही नाबालिग है जिसे 2013 में पुलिस ने एक अंतर्राष्ट्रीय हैकिंग ग्रुप में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर 3000 क्रेडिट कार्ड चुराने का भी आरोप था।
कौन-कौन बना इस ग्रुप का निशाना?
हाल ही में इस ग्रुप ने फेसबुक, पॉप स्टार टेलर स्विफ्ट, मलेशिया एयरलाइंस की वेबसाइट, सोनी और माइक्रोसॉफ्ट को हैक करने का दावा किया है। बीते वर्ष अगस्त में उन्होंने सोनी के प्लेस्टेशन नेटवर्क को हैक करने का भी दावा किया था और सोनी के ऑनलाइन इंटरटेनमेंट प्रेसिडेंट के प्लेन में बम होने की भी धमकी दी।
हालांकि जांच के दौरान प्लेन में कुछ मिला नहीं लेकिन यह ग्रुप एफबीआई की नजर में जरूर आ गया। इसके बाद इन्होंनें चर्चित गेम कॉल ऑफ ड्यूटी, फीफा समेत कई अन्य के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में भी हैकिंग की कोशिश की।
दिसंबर महीने में नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट सेवा ठप होने के पीछे भी लिजार्ड स्क्वाड ने अपना ही हाथ बताया था। क्योंकि नॉर्थ कोरिया ने सोनी पिक्चर्स को हैक करने का आदेश दिया था।
दूसरे हैकिंग ग्रुप हुए इसके खिलाफ
इस ग्रुप की ओर से किए गए इतने कारनामों के पीछे असल मकसद अब तक साफ नहीं हो पाया है। खासकर टेलर स्विफ्ट का अकाउंट और नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट सेवा ठप करने के पीछे इनकी मंशा क्या थी यह उन्होंने साफतौर पर जाहिर नहीं किया।
उधर, इस ग्रुप की बचकानी हरकतों के कारण दूसरे हैकिंग ग्रुप इसके खिलाफ हो गए हैं। यही वजह है कि क्रिसमस के पहले 'फाइनेस्ट स्क्वाड' नाम के हैकिंग ग्रुप ने लिजार्ड के सदस्यों के बारे में अहम बातें उजागर की थीं।
इसके बाद कुछ सदस्यों को गिरफ्तार भी किया गया था।