अपनी संतान की चाह में हैवान बने एक सौतेले पिता ने मासूम बच्ची को गला घोंटकर मार डाला। वह सिर्फ सौतेला पिता ही नहीं था बल्कि बच्ची का सगा चाचा भी था। भाई की मौत के बाद उसने भाभी से शादी कर ली थी और दूसरे बच्चे के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
इनकार करने पर ही अब पत्नी बन चुकी भाभी से उसकी अनबन चल रही थी। कांशीराम नगर के ई ब्लाक में सोती बच्ची की हत्या के इस सनसनीखेज वारदात से लोगों के दिल दहल गए हैं। आरोपी पहले तो गुमराह करता रहा लेकिन बाद में पुलिस की सख्ती पर गुनाह कबूल कर लिया।
रामपुर के मिलक थाने के गांव भोनकपुर निवासी सुमन के पहले पति सर्वेश कुमार की चार साल पहले पीलीभीत में हादसे में मौत हो गई थी। वह महिंद्रा पिक अप से माल ढोने का काम करते थे।
हादसे के बाद सुमन, बेटी दिव्या (9) और देवर विशेष के साथ कांशीराम नगर ई ब्लाक में मकान बनाकर रहने लगीं। उन्होंने दिव्या का एडमिशन पीलीकोठी के रानी प्रीतम कुंवर स्कूल में करा दिया। कुछ माह पूर्व परिवार वालों ने विशेष की सुमन से कोर्ट मैरिज करा दी थी।
मंगलवार सुबह जब सुमन सोकर उठीं तो उन्होंने दिव्या को जगाने के लिए आवाज दी। दिव्या नहीं उठी तो उसके कमरे में पहुंचीं, तब उनकी चीख निकल गई। दिव्या की मौत हो चुकी थी। उसके गले पर निशान थे।