महाराष्ट्र ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसके लिए उसे जरा खुशी नहीं होगी। महिला अपराधियों की तादाद में वह देश में सबसे आगे निकल गया है।
भारत में गिरफ्तार महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में है। यह आंकड़ें 2010 से 2012 के बीच के हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार पिछले तीन साल में 90,884 महिलाओं को भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।
इस सूची में दूसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश (57,406 गिरफ्तारियां), तीसरे पर मध्य प्रदेश (49,333 गिरफ्तारियां), चौथे पर तमिलनाडु (49,066 गिरफ्तारियां) और पांचवें पर गुजरात (41,872 गिरफ्तारियां) है।
इन तीन साल में पूरे भारत में 93 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 94 प्रतिशत पुरुष्ा और 6 प्रतिशत महिलाओं की संख्या है।
महाराष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं की गिरफ्तारियां हर साल बढ़ती जा रही हैं। 2010 में 30,118 महिलाएं गिरफ्तार हुई थी, वहीं 2011 में 30,159 गिरफ्तारियां हुई, जो बढ़कर अगले साल 30,607 हो गई।
जो महिलाएं गिरफ्तार हुईं, उनमें सबसे ज्यादा अपने पति या उनके रिश्तेदारों पर अत्याचार करने के लिए पकड़ी गईं। इस इल्जाम में लगभग 20,000 महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है।
इसके बाद 16,843 महिलाओं को दंगों से जुड़े मामले में, मारपीट के आरोप में 15,348 और चोरी के जुर्म में 3,911 महिलाएं पकड़ी गईं। करीब 1,900 महिलओं को हत्या और 1,700 को हत्या की कोशिश में सजा हुई।