पुणे पुलिस ने चार नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में 59 साल के आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अधिकारी ने लड़कियों को मिठाई देने का लालच दिया और घिनौनी हरकत के बाद उन्हें 15 रुपए भी दिए।
पुलिस के अनुसार, जिन बच्चियों के साथ आरोपी ने छेड़छाड़ और उत्पीड़न किया है, उनकी उम्र सात से 10 साल के बीच है।
आरोपी अधिकारी की पहचान मारुति सावंत के रूप में हुई है। 1988 बैच के आईएएस अधिकारी सावंत, महाराष्ट्र काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल एजुकेशन एंड रिसर्च के डायरेक्टर जनरल हैं। इसके पहले वह महाराष्ट्र के सोशल जस्टिस डिवेलपमेंट डिपार्टमेंट में भी काम कर चुके हैं।
ऐसे हुआ इस बड़े कांड का खुलासा
मिडडे के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ बुधवार देररात केस दर्ज कर लिया और गुरुवार को गिरफ्ताक भी कर लिया। सावंत पर आईपीसी की धारा 354 (छेड़छाड़), 376 (रेप) और पॉक्सो एक्ट सेक्शन-4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डीसीपी (जोन 2) के सुधाकर पठारे ने बताया कि पीड़ित लड़कियां पुणे नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे स्कूल की छात्रा हैं और एक ही इलाके में रहती थीं। आरोपी अधिकारी हर वीकेंड पर उनसे मिलने आता था। पीड़ितों में से दो लड़कियां दूसरी कक्षा में पढ़ती हैं, जबकि दो अन्य पांचवी और सातवीं की छात्राएं हैं।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को स्कूल में एक वर्कशॉप आयोजित की गई थी। जिसमें एक महिला सलाहकार ने लड़कियों को रेप और छेड़छाड़ के बारे में जानकारियां दीं और बताया कि किस तरह से छूना अच्छा है और क्या बुरा है। दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली लड़की ने महिला से कुछ सवाल किए जिससे उसे शक हुआ। गहराई से पूछताछ करने पर आईएएस अधिकारी की करतूत का पर्दाफाश हो गया।
अश्लील फिल्में दिखाकर करता था रेप!
भाजपा पार्षद श्रीकांत जगताप को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि महिला सलाहकार ने स्कूल की प्रिंसिपल को घटनाक्रम के बारे में आगाह किया था। हालांकि लड़की के परिजन शिकायत दर्ज कराने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन पोक्सो एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न की जानकारी होने पर उसे छुपाना भी अपराध है, इसलिए पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
पार्षद और उनकी पत्नी ने पीड़ित लड़की के परिजनों से बात की। लड़कियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उनके साथ पिछले दो महीने से यौन उत्पीड़न हो रहा है।
भाजपा पार्षद ने बताया कि आरोपी अधिकारी सावंत शिवाजीनगर इलाके में परिवार के साथ रहता है और वीकेंड पर पीड़ितों के इलाके में स्थित दूसरे फ्लैट में रहता था। शाम को लड़कियां पार्क में खेलती थीं। सावंत इन्हें मिठाई और पैसे देने के बहाने बुलाता था और उनका यौन उत्पीड़न करता था।
पीड़ित लड़कियों ने बताया कि सावंत ने अपने स्मार्टफोन से कई बार उन्हें अश्लील फिल्में दिखाईं और फिर उनके साथ दुष्कर्म किया।