पति-पत्नी के बीच जब कोई 'तीसरा' आ जाता है तो दांपत्य जीवन में जहर घुलने लगती है। यह कहानी इसी की बानगी है. जिसमें ‘वो’ के चक्कर में एक परिवार पूरी तरह से बिखर गया।
इस ‘वो’ के चक्कर में दांपत्य जीवन ऐसा बिगड़ा कि फिर पटरी पर नहीं आ सका। हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा यह हाई प्रोफाइल केस कई उतार-चढ़ावों के बीच सोमवार को फिर आईजी के सामने आया। इस पर उन्होंने एसएसपी नोएडा को केस में दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं।
मामला नोएडा के एक व्यवसायी युवक का है। उसने आईजी जोन आलोक शर्मा को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि उसकी शादी कोलकाता की एक युवती से करीब आठ साल पहले हुई थी। उनके दो बच्चे भी हैं।
युवक ये मिलने पहुंच जाती है कोलकाता
बताया जाता है कि शादी के बाद से ही उसकी पत्नी जल्दी-जल्दी कोलकाता जाने लगी। आना-जाना ज्यादा बढ़ा तो युवक को शक हुआ। उसने गोपनीय रूप से कोलकाता पहुंचकर पड़ताल की तो पता चला कि पत्नी के कहीं और प्रेम संबंध हैं।
दोनों के बीच यह बात खुलने पर परिवार में विवाद होने लगा। आरोप है कि पत्नी ने पति सहित ससुराल वालों पर उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया।
आरोप लगाया कि पति और ससुराल वाले उसे गर्म सलाखों से दागते हैं। उसने भी हाईकोर्ट की शरण लेकर सारे सुबूत रखे। बच्चों को अपनी पैरेंटशिप में लेने के लिए कोलकाता कोर्ट में वाद दायर किया गया तो कोर्ट ने दोनों बच्चों को पति की सुपुर्दगी में देने के आदेश दिए।
काफी संवेदनशील है ये हाई प्रोफाइल फैमिली मैटर
साथ ही व्यवस्था दी कि मां अपने बच्चों से उसके पिता या दादा की मौजूदगी में कुछ घंटे मिल सकती है। अब पत्नी ने फिर से बच्चों को अपनी पैरेंटशिप में लेने और सभी आरोप गलत बताते हुए नोएडा पुलिस से दोबारा शिकायत की है।
आईजी के अनुसार यह फैमिली मैटर काफी संवेदनशील स्थिति में है। खास बात यह है कि कोर्ट ने बच्चों को मां की बजाय पिता की सुपुर्दगी में देने के आदेश दिए हैं।
पूरे केस का नए सिरे से अध्ययन करते हुए एसएसपी नोएडा को दोबारा जांच के निर्देश दिए गए हैं।