शाहजहांपुर में मोहल्ला हुंडाल खेल में किराए पर रह रहे होमगार्ड शिशुपाल उर्फ शिवम् (32) ने शुक्रवार शाम कमरा बंद कर पहले अपनी प्रेमिका मोना वर्मा (25) की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में अपनी कनपटी पर तमंचे से गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
बताते हैं कि घटना से पहले दोनों के बीच कई घंटे तक झगड़ा हुआ था। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है, जिसमें शिशुपाल ने लिखा कि वह मोना से शादी करना चाहता था लेकिन वह किसी और से शादी करना चाहती थी।
हुंडाल खेल मोहल्ला निवासी राजेश कुमार के घर में होमगार्ड शिशुपाल दो महीने पहले किराए पर रहने आया था। शिशुपाल निगोही थाना क्षेत्र के गांव चेना रुरिया का रहने वाला था।
अक्सर कमरे में आती थी मिलने
राजेश कुमार के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र के तिराही मोहल्ले की मोना अक्सर शिशुपाल से मिलने आती थी। शुक्रवार को शिशुपाल ने तीन बजे मोना को फोन कर कमरे पर बुलाया था। राजेश के मुताबिक करीब पांच बजे उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी।
जब तक वह ऊपर पहुंचता, दूसरी गोली की आवाज सुनाई पड़ी। उसने कमरा खटखटा कर शिशुपाल को आवाज दी लेकिन अंदर से जवाब नहीं आया। अनहोनी की आशंका पर राजेश ने बेटे शिवांशु को सूचना देने के लिए कोतवाली भेज दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर चारपाई पर मोना का शव पड़ा हुआ मिला। उसके सीने पर गोली लगी थी। खून से लथपथ शिशुपाल जमीन पर औंधे मुंह पड़ा था। उसकी कनपटी पर गोली लगी थी और उसके हाथ में तमंचा था। एएसपी सिटी एपी सिंह और सीओ सिटी राजेश्वर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शिशुपाल के गांव और मोना के घर पर सूचना दे दी है।
देवरिया: एएसपी के सामने आत्मदाह की कोशिश
देवरिया में अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचकर एक महिला ने बच्चों संग आत्मदाह की कोशिश की। मौजूद पुलिसवालों ने महिला को हिरासत में लेकर मिट्टी के तेल से भरा डिब्बा छीन लिया।
आरोप है कि एएसपी ने महिला को हिदायत देते हुए कोतवाली थाने भेजवा दिया। जहां कोतवाल ने महिला के भाई को बुलवाकर घर भेज दिया। बताया जाता है कि पीड़ित महिला परिवार के साथ डीएम कार्यालय में भी गई थी।
खामपार, भवानी छापर के बलुअना खास की रहने वाली कमलावती देवी पत्नी रमेश कुशवाहा का आरोप है कि जमीन के विवाद में गांव के कुछ लोग उनके साथ अक्सर मारपीट करते हैं। महिला का आरोप है कि 20 नवंबर की शाम गांव के कुछ लोग उसके दरवाजे पर चढ़कर धारदार हथियार से हमला करने लगे।
भाई को बुलाकर हिरासत से छोड़ा
मारपीट के दौरान कमलावती देवी घायल हो गई। बचाव में पहुंची उनकी दो लड़कियां माधुरी, मधु और बेटा प्रिंस भी घायल हो गए। पुलिस ने पांच दिन बाद केस दर्ज किया लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। आरोपी धमकी दे रहे हैं। जिससे वह अपने परिवार के साथ घर छोड़कर दूसरे जगहों पर रहने के लिए मजबूर हो गई।
कमलावती का कहना है कि दो साल पहले उसकी जमीन पर तत्कालीन थानेदार और लेखपाल की मिलीभगत से बैनामा हो गया तब से विवाद शुरू हो गया। शुक्रवार को कमलावती, अपनी माधुरी, मधु, प्रिंस और अन्य लोगों के साथ एसपी कार्यालय में मौजूद एएसपी के दफ्तर में पहुंची और आत्मदाह की कोशिश की।
महिला के हाथ में तेल का डिब्बा देखकर पुलिसकर्मी सतर्क हो गए। एएसपी की हिदायत के बाद मौके पर पहुंची पुलिसकर्मियों ने सभी को हिरासत में ले लिया। मौजूद मीडियाकर्मियों ने फोटो लेने की कोशिश की तो उन्हें भी एएसपी ने हिदायत देते हुए बाहर निकाल दिया। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। बाद में कमलावती के भाई को बुलाकर उसे छोड़ दिया गया है।