उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में दो पक्षों में झगड़े की सूचना पर गांव में जमीन से कब्जामुक्त कराने गए दरोगा को दबंगों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस दौरान सिपाही मूकदर्शक बने रहे।
पिटाई करने के बाद दबंगों ने दारोगा को दोबारा गांव में न दिखाई देने की धमकी भी दी। दारोगा ने हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
सोमवार सुबह कुछ लोगों ने चौबिया थाने पर कांकरपुर गांव में जमीन के विवाद को लेकर झगड़ा होने की सूचना दी थी। थाने से दारोगा जगत सिंह यादव को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा गया। उस समय जमीन पर कब्जे को लेकर रामदास और सत्यवीर सिंह में झगड़ा हो रहा था।
मौके पर पहुंचते ही कटिया निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र विद्याराम समर्थकों समेत दारोगा को पकड़ कर पीटने लगा। हमराही पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे तो दारोगा ने भागने का प्रयास किया। दबंगों ने फिर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और धमकी दी कि दोबारा गांव में न दिखाई दे।
इसके बाद दारोगा ने तुरंत अपने आला अधिकारियों को घटना की सूचना दी। सीओ सैफई अरुण कुमार दीक्षित और चौबिया थानाध्यक्ष नेम सिंह गंगवार घटनास्थल पर पहुंच गए।
तब तक दोनों पक्षों के लोग भाग चुके थे। सीओ के निर्देश पर दारोगा ने नरेंद्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।