मेरठ में बेटा पाने की लालसा में तंत्र मंत्र के लिए मासूम गोलू का मर्डर किया गया था। तीन दिन तक बच्चे को सेफ में बेहोश करके रखा गया। फिर ट्यूबवेल पर ले जाकर तांत्रिक क्रिया की। बच्चे के पेट पर धूपबत्ती जलाई और तांत्रिक द्वारा मंत्र पढ़कर दी गई 11 आलपिन उसके शरीर में घोंपी गई थीं। ये सनसनीखेज खुलासा भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव राली चौहान निवासी गोलू की हत्या के मामले में हुआ है।
पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार कर बुधवार दोपहर पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किए। दो फरवरी को अगवा किए गए चार साल के मासूम की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी और उसका शव सोमवार सुबह खेत में पड़ा मिला था।
एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी टिंकू उर्फ रवींद्र निवासी गांव राली चौहान के कोई बेटा नहीं है, उसकीतीन बेटियां हैं। टिंकू और उसकी पत्नी पूजा ने बेटा प्राप्त करने की चाह में पड़ोसी शियानंद और उसकी पत्नी संगीता के जरिये तांत्रिक धर्मवीर से संपर्क किया। धर्मवीर मूलरूप से जेपीनगर के अमरोहा का रहने वाला है। काफी समय से गांव में ही रहता है।
इसके बाद प्लानिंग के तहत गांव के ही अनिल जाटव के बेटे गोलू का अपहरण किया गया। फिर तंत्र मंत्र किया और गला घोंटकर गोलू की हत्या करने के बाद मदन के गन्ने के खेत में फेंक दिया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी टिंकू उर्फ रवींद्र, शियानंद, संगीता पत्नी शियानंद, धर्मवीर भगत जी और पूजा पत्नी टिंकू उर्फ रवींद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
ऐसे अंजाम दी वारदात
टिंकू और उसकी पत्नी से गांव के ही शियानंद और उसकी पत्नी संगीता ने कहा कि कोई स्वस्थ बच्चा पकड़ कर ले आओ, तभी तंत्र विद्या से अनुष्ठान होगा और तुम्हें लड़के की प्राप्ति हो जाएगी। इसी के तहत टिंकू ने अनिल के इकलौते चार वर्षीय बेटे गोलू को दो फरवरी की गली में खेलते समय उठा लिया और शियानंद के घर ले गया। वहां बच्चे को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर लोहे की अलमारी में लिटा दिया। इसके बाद पांच फरवरी को जंगल में ट्यूबवेल पर ले जाकर धर्मवीर भगत ने तंत्र मंत्र किया। बच्चे के पेट पर धूपबत्ती जलाईं, सिंदूर लगाया और मंत्र पढ़ी आलपीन शरीर पर 11 जगह घोंपीं। वहां से बच्चे को फिर से टिंकू अपने घर ले गया और वहां धर्मवीर भगत ने टिंकू की पत्नी पूजा से भी तांत्रिक क्रिया करवाई। बाद में धर्मवीर भगत के घेर में ले जाकर तांत्रिक क्रिया संपन्न की। इसके बाद बच्चे को शियानंद के मकान में ले जाकर बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर लकड़ी की संदूक में छिपाकर रखा और सात फरवरी की रात में रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने के बाद गोलू का शव तड़के तीन बजे गांव के बाहर मदन के गन्ने के खेत में फेंक दिया था।
तय हुए थे 25 हजार रुपये
पुलिस के मुताबिक तंत्र मंत्र करने के लिए 25 हजार रुपये तय हुए थे। यह रकम धर्मवीर भगत को टिंकू उर्फ रवींद्र अपने घर में बच्चा पैदा होने के बाद देता। वहीं, नौ फरवरी को मामले में गोलू के पिता अनिल की तरफ से अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। हत्या का खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण के साथ ही हत्या करने और शव छिपाने की धारा भी लगाई गई है।
डॉग स्क्वायड से मिली खुलासे में मदद
नौ फरवरी को जब गोलू का शव गन्ने के खेत में मिला, तो पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया था। डॉग सूंघता हुआ पहले तो पीड़ित अनिल के घर पहुंचा, फिर शियानंद के घर पर पहुंचकर रुका और वहां से धर्मवीर भगत के घर पर जाकर रुक गया था। तभी पुलिस को शक हो गया था कि गोलू की हत्या में शियानंद और धर्मवीर भगत का हाथ है।