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जानवरों की तरह युवती की बोली लगाते रहे दरिंदे

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अपहरण की शिकायत पर आंवला पुलिस ने एक युवती को बरामद किया तो पता चला कि मूल रूप से आगरा की यह मंदबुद्धि युवती एक बार नहीं बल्कि दो बार बेची जा चुकी है।
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जिस व्यक्ति के घर से उसे बरामद किया गया वह उसका दूसरा खरीदार है और जिस महिला ने पुलिस से शिकायत की थी उसका भतीजा पहला।

युवती ने जब पुलिस के सामने बेचे जाने की बात कही तो पहले खरीदार ने बताया कि उसने उसे 30 हजार में खरीदा था जबकि दूसरे ने कहा कि वह भी दस हजार देकर ही उसे अपने घर ले गया था।

इंसानों की इस तरह खरीद फरोख्त के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोनों खरीदारों और एक महिला को हिरासत में ले लिया है।

जबरन घर ले जाकर बनाया बंधक

युवती के बारे में जानकारी लेने आगरा गए दरोगा ने बताया कि उसके पिता को आंवला लाया जा रहा है उसके बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

थाना अलीगंज के बिहारीपुर गांव की रामदेई ने रविवार को आंवला पुलिस से शिकायत की कि उसका भांजा बल्लिया निवासी अशोक अपनी पत्नी के साथ उनके घर आया था। आनंदपुर गांव का सोहनपाल उसे जबरन ले गया और अपने घर में बंधक बना दिया।

पुलिस सुबह ही छापा मार कर युवती और सोहनपाल को कोतवाली ले आई और फोन करके अशोक को भी बुला लिया गया। युवती शुरू में कुछ बताने से झिझक रही थी।

महिला पुलिस ने भरोसे में लेकर पूछताछ की तो उसने बाताया कि वह मूल रूप से आगरा सदर के कैमरी का ताल कालोनी की रहने वाली है। दो महीने पहले वह मुरादाबाद आई थी। वहां भटक गई तो रेलवे स्टेशन पर दो युवक आए और उसे आगरा पहुंचाने की बात कहकर अपने साथ बरेली ले गए।

30 हजार में युवती को बेच दिया

उन्होंने उसे 30 हजार में अशोक को दे दिया। वह उसकी पत्नी की तरह उसके घर रही। बिहारीपुर भी उसी के साथ आई थी। वहां से सोहन पाल उसे अपने साथ ले गया। अब उसका कहना है कि उसने उसे खरीद लिया है।

अशोक ने इस कहानी की पुष्टि करते हुए कहा कि सीबीगंज रेलवे स्टेशन के पास किराये पर रहने वाले दो अंजान युवकों ने तीस हजार रुपये में गौरी को उसके हवाले किया था।

तब से वह उसके घर में रह रही थी। उसकी मां से विवाद हुआ तो उसने युवती को मौसी के घर पहुंचा दिया। उसका आरोप लगाया कि मौसी और उसके देवर ने युवती का सोहनपाल से सौदा कर लिया। फिर अपना गला बचाने को झूठी तहरीर दे दी।
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पुलिस ने कहा, उलझा है मामला

वहीं इस मामले में सोहनपाल का कहना था कि खुद अशोक ने दस हजार रुपये लेकर युवती को उसके हवाले किया है। तीनों की बातें सुनकर उलझे प्रभारी कोतवाल अनूप सिंह राठी ने दरोगा नरेंद्र सिंह को आगरा भेज दिया।

दरोगा ने वहां युवती के पिता को खोज लिया है। इसकी जानकारी देर शाम उन्होंने राठी को दी। राठी ने बताया कि घरवाले युवती को मंदबुद्धि बता रहे हैं। वह दो महीने पहले रास्ता भटककर मुरादाबाद की तरफ पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि उसके पिता से आंवला चलने को कहा गया है।

सीओ आंवला केपी सिंह ने कहा कि मामला काफी उलझा हुआ है। युवती ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही है। घरवालों से बातचीत के बाद ही कार्रवाई की दिशा तय होगी।
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