बेटी ग्यारवीं में पढ़ रही थी। दलित मां-बाप के जेहन में उसके सुनहरे भविष्य की उम्मीद झिलामिला रही था। सोचा था कि बेटी पढ़ लिखकर घर की स्थिति संवार देगी। लेकिन बेटी पड़ोस के ही एक सिरफिरे की बदनियत की शिकार हो गई और बेटी के साथ मां-बाप की ढेरों उम्मीदों भी आग में खाक हो गईं।
पड़ोसी लड़के ने किशोरी की जान ले ली। दिल दहला देने वाली वारदात यूपी के मथुरा के सदर बाजार इलाके के एक गांव की है। मंगलवार की शाम आरोपी भोला ने किशोरी के घर में ही उसे जिंदा जला दिया।
वारदात के वक्त घर में किशोरी के अलावा और कोई नहीं था। उसके पिता बकरी चराने गए थे और मां भी किसी काम से बाहर गई थी।
पड़ोसी लड़के की नापाक करतूतों से आजिज आकर युवती के पिता से रहा नहीं गया तो वो सिरफिरे के पिता के पास शिकायत लेकर पहुंच थे। इस बात पर उस सिरफिरे ने दरिंदगी की इंतेहा पार कर दी। लाख शिकायतों, चेतावनियों के बावजूद उस पर कोई असर नहीं हुआ।
मृतका के घरवालों के मुताबिक उनकी बेटी को घर में अकेला पाकर पड़ोसी भोला आ धमका। किशोरी ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो सिरफिरे ने मिट्टी का तेल डालकर उसको आग के हवाले कर दिया। किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई।