दो दोस्त अपने गांव की एक ही लड़की से दिल लगा बैठे। मोहब्बत के बीच दोस्ती दीवार बनने लगी। एक दोस्त दूसरे की निगाह में खटकने लगा। कारण था वो लड़की दूसरे लड़के के ज्यादा करीब आ गई।
लड़की की मोहब्बत पाने के लिए एक दोस्त ने साजिश रची खूनी खेल की। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दोस्त का कत्ल कर दिया। मोहब्बत के बीच फंसे रोडे़ को हटा दिया। लेकिन जिस मोहब्बत के लिए वह जुर्म के रास्ते पर चला, उसकी मंजिल प्रेमिका नहीं बल्कि जेल की कोठरी थी।
पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरे साथी की तलाश की जा रही है। यह घटना उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की है।
'वो संजय को ज्यादा चाहती थी'
एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि रोरी गांव निवासी संजय (18) परतापुर रिठानी में गणपति प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करता था। 21 जनवरी से लापता संजय की सिर कटी लाश 25 जनवरी को रोरी-बखरवा मार्ग पर मिली थी।
मंगलवार सुबह मुखबिर की सूचना पर रोरी निवासी सचिन को गिरफ्तार किया गया। सचिन ने बताया कि वह और संजय गांव की एक ही युवती से प्यार करते थे। युवती संजय को ज्यादा चाहती थी। इसी के चलते उसकी हत्या की योजना बनाई।
कुछ इस तरह कत्ल को दिया अंजाम
मुख्य आरोपी सचिन ने बताया कि दिसंबर में गांव के ही एक व्यक्ति से पैनकार्ड बनवाने के नाम पर उसका वोटर आईडी लिया और एक सिम खरीदा था। 21 जनवरी को उसी सिम से फोन कर संजय को बुलाया।
सचिन ने हत्या के लिए जॉनी और संजू को पहले से ही तैयार कर रखा था। सचिन संजय के साथ जैसे ही खेत में पहुंचा, तभी तीनों ने उसे दबोच लिया और चाकू से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी।
इसके बाद संजय की अंडरवियर में ही उसकी गर्दन डालकर राजपाल के खेत में फेंक दिया। शक न हो, इसके चलते सचिन संजय के परिजनों के साथ उसकी तलाश भी करा रहा था। 24 जनवरी को वह फिर घटनास्थल पर पहुंचा और लाश को सड़क पर फेंक आया। हत्या के बाद मोबाइल और सिम तोड़कर तालाब में फेंक दिया।
हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद
जांच के बाद पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। सचिन के बयान के आधार पर पुलिस ने उसके साथी जॉनी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संजू की तलाश जारी है।
सचिन ने सोचा था कि हत्या का शक गांव के उन चार व्यक्तियों पर होगा, जिन्होंने 2006 में संजय की मां की हत्या की थी। इसके चलते उसने दूसरे की आईडी से लिए सिम केवल एक बार इस्तेमाल किया था।
सचिन मेरठ के इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र है। इसके अलावा एक वकील के चैंबर पर काम कर रहा था। अन्य दोनों हत्यारोपी आठवीं तक पढ़े हैं और चिनाई का काम करते हैं।