बिजनौर के नजीबाबाद में नवीं कक्षा की छात्रा से अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात से सनसनी फैल गई। चार आरोपियों में दो स्कूली छात्र बताए गए। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मामला दो संप्रदायों के बीच होने से तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात की गई है।
पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति की पुत्री एक इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा है। सोमवार सुबह स्कूल से घर लौटते समय गांव के ही गैर संप्रदाय के चार युवकों ने भारत फ्लाईओवर के पास से उसे जबरन बाइक पर खींच लिया और उसे गांव के निकट एक नलकूप पर ले गए और चारों युवकों ने नलकूप पर बने कमरे में छात्रा से दुष्कर्म किया।
इस बीच नलकूप के निकट खेत पर काम कर रही एक महिला शोर सुनकर नलकूप पर पहुंची। उधर, जिस समय नजीबाबाद से किशोरी को जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाने की घटना हुई तो दो युवक भी पीछा करते हुए वहां पहुंच गए।
रंगेहाथ पकड़े गए आरोपी, भीड़ देख हुए फरार
गांव की महिला और इन दो युवकों के नलकूप पर पहुंचने पर आरोपी चारों युवक किशोरी को छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही एसपी दिनेश कुमार, एसपी सिटी कल्पना सक्सेना, सीओ संजय राय एवं प्रभारी निरीक्षक सत्यवीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
पीड़ित छात्रा के पिता ने गांव के प्रधान, पूर्व प्रधान आदि लोगों के साथ थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार की धाराओं और पॉस्को एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसपी बिजनौर दिनेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। किशोरी का मेडिकल परीक्षण एवं बयान के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों में दो छात्र, केस में फंसा पेंच
किशोरी छात्रा से सामूहिक बलात्कार के आरोपियों में दो आरोपी कक्षा 12 एवं 11 के छात्र हैं। बताया जा रहा है कि नलकूप भी इनमें से एक आरोपी का है। गांव में तनाव को देखते हुए एहतियातन पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। सीओ संजय राय ने बताया कि गांव में शांति है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार छात्रा को बाइक सवार चार आरोपी जबरन बाइक पर खींचकर ले गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस बिंदु पर भी पड़ताल की जा रही है कि भीड़भाड़ वाले स्थान पर एक बाइक पर चार युवक कैसे छात्रा को जबरन बैठा सकते हैं।
यदि ऐसा हुआ तो छात्रा ने उस समय शोर क्यों नहीं मचाया। पुलिस उन चश्मदीद युवकों से भी पूछताछ कर सकती है कि इसकी सूचना उस समय पुलिस को क्यों नहीं दी गई।