पश्चिम बंगाल की एक महिला के साथ आठ लोगों ने एटा बस स्टैंड स्थित एक चर्चित होटल में ले जाकर गैंगरेप किया। इससे पहले वह उसे मैनपुरी ले गए, जहां एक होटल में रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया था।
किसी तरह बचकर आई युवती ने लोगों को जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे थाने ले आई। इस मामले में युवती ने आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली नगर पहुंची युवती ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल थाना मालदा के एक गांव की रहने वाली है। बीते 28 नवंबर को किसी काम से टूंडला आई थी। आरोप है कि टूंडला रेलवे स्टेशन पर उतरते ही मुलाकात पश्चिम बंगाल के रहने वाले एंटोनी से हुई। वह उसे अपने साथ ले गया।
आरोप है कि एंटोनी के साथ सात अन्य लोग पहले जिला मैनपुरी स्थित एक होटल में लेकर गए। होटल में करीब तीन दिन तक गैंगरेप किया।
पीछा करते हुए आया आरोपी, भीड़ ने धुना
दो दिसंबर को आरोपी उसे एटा बस स्टैंड स्थित एक चर्चित होटल में ले गए। जहां आठों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे पीड़िता आरोपियों के चंगुल से किसी तरह से भाग निकली और आगरा रोड स्थित मोहल्ला वर्मानगर पहुंची।
वहां मौजूद लोगों को युवती ने पूरी बात बताई। इसी दौरान एक आरोपी भी वहां पहुंच गया। युवती के पहचानने पर पब्लिक ने आरोपी को पकड़ लिया और पिटाई के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी।
जानकारी पर पहुंची पुलिस पीड़िता और आरोपी को थाने ले आई। पीड़िता ने मामले की रिपोर्ट एंटोनी उर्फ सिद्धार्थ निवासी अलीनगर मालदा पश्चिम बंगाल, अजमुल और छह अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई है।
होटल मालिक पर भी होगी कार्रवाई
सीओ सिटी करन सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जिस होटल में घटना हुई है, उस होटल मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य अशोका पांडेय ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पीड़िता से बात की है। साथ ही कानूनी कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया है।
उनका कहना है कि होटलों में महिला व पुरुष को ठहराने से पहले उसकी आईडी प्रूफ की जांच होनी चाहिए। बिना आईडी प्रूफ के किसी भी व्यक्ति को ठहराने से अपराधों में वृद्धि होगी। इस मामले में भी इसकी जांच होनी चाहिए।
मुजफ्फरनगर: नाबालिग को बंधक बनाकर गैंगरेप
मुजफ्फरनगर में मीरापुर क्षेत्र की एक किशोरी को बंधक बनाकर गैंगरेप करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीडि़ता को मुंह खोलने पर परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। पीड़िता ने आरोपियों के नाम बताकर एसएसपी से इंसाफ की गुहार लगाई है।
एसएसपी एचएन सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि 21 नवंबर को गांव के चार लोग घर पर काम कराने का झांसा देकर किशोरी को ले गए। शाम तक नहीं लौटने पर उसका सुराग नहीं लगा। आरोपी लगातार मामले से अंजान बने रहे। तीन बाद लड़की उनके चंगुल से निकलकर भागी।
बदहवास हालत में घर पहुंची लड़की ने पूरा मामला सुनाया। आरोपियों को पुलिस से शिकायत करने की भनक लगी तो उन्होंने जान से मारने की धमकी देकर परिजनों को चुप रहने पर मजबूर कर दिया। अगले दिन थाना पुलिस को घटना बताई गई तो पुलिस ने उन्हें टरका दिया गया।
पीड़िता के पिता का कहना था कि आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। किसी भी घटना को अंजाम दे सकते हैं। एसएसपी से चारों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है। एसएसपी ने थाना पुलिस को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।